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मासूम बच्ची को कुत्तों ने नोच डाला

कलयुग की कलम

मासूम बच्ची को कुत्तों ने नोच डाला

कलयुग की कलम

जिस प्रदेश में मासूम बच्चियों को आये दिन दो पाये कुत्तों द्वारा नोचा, खसोटा जाता हो । अपने दामन में लगे दागों को छुपाने के लिए मासूमों को मौत के घाट उतार दिया जाता हो । दोपाये दरिंदगी युक्त कुत्तों के गॉडफादर, गॉडमदर सफेदपोशों, कानूनपोषकों का कॉकस हो उस प्रदेश की राजधानी में चौपाये कुत्तों द्वारा मासूम नोच डालना कोई बड़ी खबर नहीं है । प्रदेश मुखिया द्वारा घड़ियालू आँसू बहाकर चंद सांत्वना के बोल ईलाज की व्यवस्था करना अपने पापों पर कफ़न उढ़ाकर मासूम और उसके परिजनों के दुःखदर्द पर नमक छिड़कने जैसा ही कहा जायेगा । भृष्टाचार में आकंठ डूबे जिम्मेदारों को छोड़ा नहीं जायेगा की बन्दर घुड़की सालों से प्रदेशवासी सुनते आ रहे हैं । पर होता है वही ढाक के तीन पात । सफेदपोशों, क़ानूनपोशों की मर चुकी संवेदनाओं के लिए सिर्फ यही लिखा जा सकता है

अश्वनी बड़गैंया, अधिवक्ता

स्वतंत्र पत्रकार

 

*अश्वनी बड़गैंया, अधिवक्ता*

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