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परम आदरणीय, प्रदेश मामा,शिवराज जी चौहान, मुख्यमंत्री,मध्यप्रदेश शासन ,भोपाल (मध्यप्रदेश)

कलयुग की कलम

कलयुग की कलम

   आपकी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत का निवारण नहीं होता,अपितु शिकायतकर्ता की शिकायत का मजाक उड़ाया जाता है, शिकायतकर्ता को हताश किया जाता हैं। मैं जागरूक नागरिक एक शिकायत की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास कर रहा हूं और उम्मीद करता हूं आप उस शिकायत को संज्ञान में लेंगे,संज्ञान में ही नहीं लेंगे,अपितु इस हेल्पलाइन के कर्ताधर्ता अधिकारियों को भी कटघरे में खड़ा करेंगे, जिन्होंने लोकहितार्थ संचालित योजना को मजाक बनाकर रख दिया है। आदिवासी बहुल धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम लोहारी मेंं नायब तहसीलदार ने छोटे भाई को नोटिस दिया और बड़े भाई की गृहस्थी उजाड़ दी,खून-पसीने की कमाई से बनाया गरीब किसान का मकान तोड़ दिया। ग्राम लोहारी मेंं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष,डॉ राज बरफा की टाइल्स फेक्ट्री के सामने श्यामाजी सेंचा,लक्ष्मण जी सेंचा का परिवार निवास करता है। श्यामाजी लक्ष्मण जी और पूनमचंद सेंचा के बड़े भाई शंकर जी सेंचा ने वहीं के रहवासी से यह जमीन खरीदी थी तथा इसी जमीन पर यह मकान था। माननीय न्यायालय द्वारा सेंचा बंधुओं के हक में दिए गए फैसले की प्रतिलिपि इनके पास मौजूद है। ग्राम पंचायत ने इन्हें इस जमीन पर मकान बनाने की अनुमति भी दी है,दी गई अनुमति की प्रतिलिपि भी इनके पास मौजूद हैं,बावजूद नायब तहसीलदार ने आदेश देकर गरीब किसान की घर-गृहस्थी उजाड़ दी, मकान तोड़ दिया। नायब तहसीलदार की अयोग्यता का चरम देखो,या षड़यंत्र देखो कि वे छोटे भाई पूनमचंद सेंचा को नोटिस जारी करते है,जो तोड़े गए मकान से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर पैतृक मकान पर रहते हैं,उनका इस मकान से कोई लेना-देना ही नहीं। नायब तहसीलदार ने लोक सेवक जैसे जिम्मेदार पद पर बैठकर ऐसा आपराधिक कृत्य क्यों किया? इस गरीब किसान परिवार से नायब तहसीलदार की शत्रुता का कारण क्या? पंचायत द्वारा दी गई भवन बनाने की अनुमति, न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले को नजरंदाज कर,नायब तहसीलदार तोड़े गए मकान को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण क्यों बता रहे हैं?ग्राम लोहारी का बेचारा सेंचा परिवार समझ ही नहीं पा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी द्वारा निर्दयतापूर्वक की गई इसी मनमानी की शिकायत श्यामाजी के परिवार की बेटी श्रीमती लक्ष्मी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन *181* पर की थी। प्रदेश मामा, शिवराज सिंह चौहान,आपकी भांजी और श्यामाजी परिवार की बेटी लक्ष्मी को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर बैठे अधिकारियों ने अन्याय करने वाले नायब तहसीलदार की भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए जवाब दिया है कि आदेश तामील उपरांत शासकीय भूमि पर किया गया अतिक्रमण तोड़ा गया है। शिकायत निराधार हैं और समाप्त किए जाने योग्य है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर बैठे अधिकारियों ने कब जांच कर ली और कह दिया कि शिकायत निराधार हैं?अरे भाई नायब तहसीलदार ने भी तो गरीब किसान का मकान यह कहकर ही तोड़ा है कि यह मकान शासकीय भूमि पर बना था और सेंचा परिवार का कहना है नायब तहसीलदार ने अलते को नोटिस देकर,भलते का मकान तहस-नहस कर दिया। छोटे भाई पूनमचंद सेंचा को नोटिस देना और बड़े भाई का मकान तोड़ना, नायब तहसीलदार की सोची-समझी साजिश है। नायब तहसीलदार जानते थे कि नोटिस श्यामाजी सेंचा, लक्ष्मण जी सेंचा के नाम से दिया जाता तो ये दस्तावेज बता देते और नायब तहसीलदार की साजिश नाकाम हो जाती, वे गरीब किसान की घर-गृहस्थी नहीं उजाड़ पाते, मकान नहीं तोड़ पाते, इसीलिए उन्होंने पूनमचंद सेंचा को नोटिस दिया और बड़े भाई श्यामाजी सेंचा का सबकुछ उजाड़ दिया,क्योंकि नायब तहसीलदार का उद्देश्य तो गरीब किसान को उजाड़ना था। ऐसे षड़यंत्रकारी अधिकारियों के बचाव के लिए बनाई है क्या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन? मुख्यमंत्री हेल्पलाइन मुख्यमंत्री की छवि बनाने की बजाय बिगाड़ने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अविलंब ध्यान देना चाहिए। उम्मीद है मुख्यमंत्री लोहारी के गरीब किसान की पीड़ा से द्रवित होंगे और किसान को पीड़ा पहुंचाने वाले अधिकारियों से जवाब-तलब करेंगे।

        नव वर्ष की शुभकामनाओं

                     के साथ

             पंडित प्रदीप मोदी

        साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार

              9009597101

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