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“नगरनिगम ने मामले की लीपापोती करने लिए डमी स्वच्छता अवार्ड रखकर अवार्ड चोरी का मामला रफ़ा दफ़ा करने की कोशिश “

कलयुग की कलम

“नगरनिगम ने मामले की लीपापोती करने लिए डमी स्वच्छता अवार्ड रखकर अवार्ड चोरी का मामला रफ़ा दफ़ा करने की कोशिश “

“लापता स्वच्छता अवार्ड नहीं मिले,नगरनिगम ने अभी तक अवार्ड चोरी की एफ़आइआर दर्ज नहीं करायीं “

कलयुग की कलम समाचार पत्र

इन्दौर,स्वच्छता में इन्दौर देश में नम्बर वन हैं यह अत्यंत ही प्रसन्नता का विषय हैं।इन्दौर की जनता की जागरूकता की जीत हैं।स्वच्छता अभियान में इन्दौर को नम्बर वन बनाने में आम जनता ने तन मन धन लगाया हैं।जिसका परिणाम हैं की इन्दौर ने पॉंच बार स्वच्छता का अवार्ड जीता हैं।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने बताया की इन्दौर के नागरिकों के स्वच्छता के लापता चार अवार्ड के मामलें चोरी की एफ़आइआर दर्ज कराने की जगह स्वच्छता के असली अवार्डों की नक़ली अवार्ड डमी बनाकर इन्दौर की जनता को धोखा देकर सारे मामले को रफ़ा दफ़ा करने की तैयारी की हैं।मुख्यमंत्री को ट्वीट करके निवेदन किया हैं की असली अवार्डों की जगह अवार्डों की डमी बनाकर असली स्वच्छता अवार्ड तलाश नहीं करने वाले शिवराज सरकार के अफ़सरों को कौन सा अवार्ड मुख्यमंत्री देगें ।

यह पॉंचो अवार्ड इन्दौर की जनता की मेहनत का नतीजा हैं,इन अवार्डों पर सबसे पहला हक़ इन्दौर की आम जनता का हैं,लेकिन नगरनिगम में पिछले चारों अवार्ड मौजूद नही हैं ।यह जॉंच का विषय हैं की अभी प्राप्त स्वच्छता अवार्ड सहित चारों अवार्ड कहॉं ग़ायब हो गये हैं या चोरी हो गये हैं।नगरनिगम की कार्यशैली हैं आगे पाठ पीछे सपाट।शायद इसलिए आज इन्दौर नगरनिगम में पिछले चारों अवार्ड लापता हैं।इन्दौर की जनता का अवार्ड किसने हड़प लिया इस बात का खुलासा होना चाहिए।नगरनिगम गली मोहल्ले एंव नालों में सेल्फ़ी पाइंट बनाकर लाखों रुपये खर्च करता हैं लेकिन आज तक पिछले चारों स्वच्छता अवार्ड को एक साथ रखकर नगरनिगम कार्यालय में सेल्फ़ी पाइंट नहीं बना पाया जिससे की जहॉं आम जनता वहॉं पहुँचकर अवार्डों के साथ सेल्फ़ी खिंचा सके क्योंकि स्वच्छता अवार्ड पर इन्दौर की एक एक जनता का अधिकार हैं।लेकिन आज तक ऐसा नहीं किया गया।इन्दौर नगरनिगम को स्वच्छता अभियान में प्राप्त नम्बर वन अवार्डों की लापता होने की एफ़आइआर पुलिस में दर्ज नहीं कराई गई हैं,न ही

लापता चारों अवार्डों का नगरनिगम को सुराग अब तक नहीं मिला हैं।इन चारों अवार्डों के बरामद होने के बाद सुरक्षित स्वरूप बनाकर सुरक्षित तरीक़े से सेल्फ़ी पाइंट बनाकर किसी विशेष स्थान पर रखना चाहिए जिससे आम जनता अपने अवार्डों के साथ तस्वीर निकला सकें।इसके लिए राजाबाड़ा का अहिल्या उघान उपयुक्त जगह हो सकता हैं।सर्वप्रथम लापता अवार्डों को बरामद करके वापस नगरनिगम में लाना शिवराज सरकार के सामने गंभीर चुनौती हैं।आम जनता की मेहनत से प्राप्त अवार्ड लापता हैं यह सिद्ध करता हैं शिवराज सरकार के लिए स्वच्छता अवार्ड महत्वपूर्ण नहीं हैं।

राकेश सिंह यादव

प्रदेशसचिव

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी

भोपाल

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