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सिर्वी समाज को हमेशा गौरवान्वित किया है लोहारी मेंं निवासरत सेंचा परिवार के बच्चों

कलयुग की कलम

सिर्वी समाज को हमेशा गौरवान्वित किया है लोहारी मेंं निवासरत सेंचा परिवार के बच्चों ने

पंडित प्रदीप मोदी

साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार

9009597101

         आदिवासी बहुल धार जिले की कुक्षी तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम लोहारी मेंं सिर्वी समाज के एक किसान परिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने बर्बाद कर दिया। अधिकारियों की अयोग्यता का चरम यह रहा कि उन्होंने छोटे भाई पीटीआई शिक्षक पूनमचंद सेंचा को नोटिस दिया दिया और श्यामाजी सेंचा लक्ष्मण जी सेंचा के घर पर जेसीबी चलवा दी। ग्राम लोहारी सिर्वी बाहुल्य गांव है,लेकिन समाज का एक भी व्यक्ति निरीह सेंचा परिवार के समर्थन में आकर खड़ा नहीं हुआ।पता नहीं लोहारी एवं आसपास के सिर्वी सामाजिक बंधु प्रशासनिक अधिकारियों से भयभीत हैं या समाज के प्रभावशाली लोगों से? कोई भी इस परिवार को ढांढस बंधाने, सांत्वना देने आगे नहीं आया, लगभग पन्द्रह सोलह दिन होने आए,लेकिन श्यामाजी सेंचा का परिवार इस उम्मीद में बैठा है कि न्याय अभी मरा नहीं है, स्थानीय संगठन पदाधिकारी चाहे दबाव,प्रभाव में इस पीड़ित परिवार की पीड़ा को अनदेखा करे,सेंचा परिवार को विश्वास है कि सिर्वी समाज के प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय संगठन के पदाधिकारी ऐसा नहीं करेंगे, वे हमें न्याय दिलाने के लिए आगे जरूर आएंगे।सेंचा परिवार के प्रतिभावान बच्चों ने हमेशा सिर्वी समाज को गौरवान्वित किया है।सेंचा परिवार का एक बच्चा ट्वेल्थ में टाप टेन में आया था, मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया,जो दिल्ली में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। अन्य बच्चे इंदौर में चमकीली प्रतिभा के साथ अध्ययनरत हैं। सेंचा परिवार की बाकी दो बड़ी लड़कियों ने अंग्रेजी साहित्य में एम.ए.बी.एड. किया है,जो अपने ससुराल में रहकर शैक्षणिक सेवा से जुड़ी हैं।सेंचा परिवार के बच्चों का शैक्षणिक स्तर यह रहा है कि वे कभी भी 90 प्रतिशत से नीचे अंक ही नहीं लाए। इतने प्रतिभावान बच्चों से सुसज्जित,अलंकृत परिवार सिर्वी समाज को गौरवान्वित करने वाला है या नहीं? यह सब इसलिए लिखने में आया कि कल कुक्षी तहसील अंतर्गत आने वाले कापसी गांव से किन्हीं कोटवार नामक महानुभाव का फोन आया था,कह रहे थे कि आपने समाज की अवमानना की है,समाज की ओर से आपको अवमानना का नोटिस दिया जाएगा,कुक्षी बुलाया जाएगा। मैंने विनम्रता पूर्वक कहा मैं नोटिस की प्रतीक्षा करूंगा, अन्याय पूर्वक तबाह कर दिए गए किसान परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करना, उसके दुख से दुखी होकर,उसके लिए संगठन पदाधिकारियों से संरक्षण एवं सहयोग का निवेदन करना, अनुरोध करना,सिर्वी समाज की अवमानना कैसे हो सकती है? फोन करने वाले महानुभाव समाज के ठेकेदार बनकर तो सामने आए, लेकिन समाज का एक परिवार अन्याय पूर्वक तबाह कर दिया गया उसके प्रति उनमें सहानुभूति कहीं नजर नहीं आई, शायद शायद फोन करने वाले महानुभाव प्रतिभावान बच्चों से सुसज्जित सेंचा परिवार से व्यक्तिगत दुर्भावना रखते हैं?

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