UNCATEGORIZED

जनपद पंचायत कार्यालय निसरपुर,अपने वरिष्ठ कार्यालय को झूठी जानकारी देकर लोहारी ग्राम पंचायत के सचिव का बचाव क्यों करना चाहता है?       क्या जनपद पंचायत निसरपुर भी आरोपित भ्रष्टाचार में शामिल हैं ?

कलयुग की कलम

जनपद पंचायत कार्यालय निसरपुर,अपने वरिष्ठ कार्यालय को झूठी जानकारी देकर लोहारी ग्राम पंचायत के सचिव का बचाव क्यों करना चाहता है?

      क्या जनपद पंचायत निसरपुर भी आरोपित भ्रष्टाचार में शामिल हैं ?

पंडित प्रदीप मोदी

साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार

9009597101

                आदिवासी बहुल धार जिले की कुक्षी तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम लोहारी की ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार हुआ,जिसकी शिकायत मय प्रमाण वरिष्ठ कार्यालयों को की गई। कार्यालयों से जांच के लिए कागजी घोड़े दौड़े, घोड़े दौड़कर जनपद पंचायत निसरपुर पहुंचे,इधर जनपद पंचायत निसरपुर ने भी एक कागजी घोड़ा अपने वरिष्ठ कार्यालय की ओर बेशर्मीभरा जवाब लिखकर दौड़ा दिया कि शिकायतकर्ता की शिकायत का परीक्षण किया गया कि सन् 2017 सीसी रोड निर्माण के एवज में हीरालाल पूराजी चोयल के खाते में भुगतान जारी किया गया, इसलिए शिकायतकर्ता की शिकायत विलोचन योग्य है। शिकायतकर्ता की शिकायत है सन् 2017 में ग्राम पंचायत के सचिव ने हीरालाल पूराजी के खाते में राशि क्यों डाली? जवाब दिया जा रहा है शिकायत विलोचन योग्य है।यदि जनपद पंचायत निसरपुर ने जवाब दिया कि सीसी रोड निर्माण के एवज में हीरालाल पूराजी को भुगतना किया गया है तो सवाल खड़ा होता है क्यों? क्या हीरालाल पूराजी सीसी रोड निर्माण करने वाला ठेकेदार है? क्या हीरालाल पूराजी जी का सीमेंट, गिट्टी,सरिये का व्यवसाय है? आखिर किसलिए हीरालाल पूराजी को भुगतान किया गया है?जनपद पंचायत निसरपुर ने जांच का परिक्षण किया होगा तो इस प्रश्न का जवाब तो धरातल पर आकर खड़ा हुआ ही होगा? भ्रष्टाचार का संदेह ही इसलिए उत्पन्न होता है कि पंचायत सचिव ने हीरालाल पूराजी के खाते में पैसे क्यों डाले? हीरालाल पूराजी ग्राम पंचायत लोहारी का पंच होकर जनप्रतिनिधि है, एक जनप्रतिनिधि के खाते में पंचायत सचिव ने पैसे क्यों डाले? जहां तक पंच हीरालाल पूराजी के व्यवसाय की बात है तो वह किराना व्यापारी हैं, सीसी रोड निर्माण में घी-शक्कर तेल तो लगा नहीं होगा,जो हीरालाल पूराजी के खाते में ग्राम पंचायत सचिव ने पैसे डाल दिए? अब जनपद पंचायत निसरपुर ऐसा जवाब देकर पता नहीं किसे बेवकूफ बनाने का जतन कर रही है, अपने आपको, शिकायतकर्ता को या फिर अपने वरिष्ठ कार्यालयों को?

 

Related Articles

error: Content is protected !!
Close