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ऐसा जन्मदिन मनाने का औचित्य क्या..? मनोज राजानी अब तो बड़े बन जाइए..।

कलयुग की कलम समाचार पत्र

ऐसा जन्मदिन मनाने का औचित्य क्या..?

मनोज राजानी अब तो बड़े बन जाइए..।

     पंडित प्रदीप मोदी

साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार

9009597101

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बुधवार के दिन एमजी रोड से निकला तो कोतवाली थाने से लगे खेड़ापति सरकार मंदिर के पास चकपक कलप के कपड़े पहने भाय और भाऊ नजर आए, सामने नजर डाली तो लालगेट सयाजी द्वार से कार में देवास कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी आ रहे थे। मैंने उड़ती सी निगाह डाली और चलता रहा, सोचा उपचुनाव का दौर चल रहा है, जा रहे होंगे प्रचार में मुंह दिखाई की रस्म अदा करने,जैसा कि ये करते रहे हैं।भाय और भाऊ के नाम से आप असमंजस में पड़ गए होंगे तो बताता चलूं कि “भाय” जाकिर उल्ला को कहा जाता है और “भाऊ” संतोष मोदी को। देवास में पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा का राजनीतिक तम्बू,मनोज राजानी नामक इकलौते बम्बू पर खड़ा है और जाकिर उल्ला तथा संतोष मोदी इस इकलौते बम्बू के टेके-पाए है। बाकी और भी हैं, लेकिन वे सिर्फ संख्या बढ़ाने के लिए है, भीड़ बढ़ाने के लिए हैं, वरना देवास में सज्जन वर्मा के नाम से मनोज राजानी जाने जाते हैं और मनोज राजानी के नाम से जाकिर उल्ला, संतोष मोदी जाने जाते हैं। सुबह इन लोगों को देखा, बात आई-गई हो गईं, लेकिन शाम होते-होते इनके शुभचिंतकों ने वाट्सएप पर वीडियो भेजना प्रारंभ कर दिए,तब पता चला कि ये लोग सुबह कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी का जन्मदिन, कमलनाथ से केक कटवाकर मनवाने निकले थे। मनवाने भी कैसे?केक लिया और उठ दौड़े। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बागली क्षेत्र में चुनावी कार्यक्रम के तहत आए होंगे तो सोचा राजानी जी का जन्मदिन ही उनसे मनवा लिया जाए। कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी और उनके चेले-चपाटे प्रोटोकॉल वगैरह के मायने कुछ समझते हैं या नहीं? परिणाम जो होना था,वही हुआ, जैसे-तैसे जन्मदिन तो मना, लेकिन हंसी दिवस के रूप में मना। ऐसा जन्मदिन मनाकर मनोज राजानी ने स्वयं अपने बौद्धिक स्तर पर सवालिया निशान लगा लिया। एक भाई तो भगदड़,भागम भाग में केक लेकर ही गिर पड़ा, पुलिस ने भी किसीका लिहाज नहीं पाला, कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री है और उनकी सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी बनती है। जनता के बीच सवाल यह भी खड़ा हुआ कि जन्मदिन मनोज राजानी का तो चुनावी दौरे पर आए कमलनाथ केक क्यों काटे?जिसका जन्मदिन वह केक काटे। यदि कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी का जन्मदिन दौड़ते-भागते केक काटकर ही मनाना था तो यह काम देवास की सड़कों पर भी किया जा सकता था, इसके लिए बागली क्षेत्र में जाने की क्या आवश्यकता थी? कुल मिलाकर कहा जाए तो मनोज राजानी किस पद पर बैठे हैं,उस पद की क्या प्रतिष्ठा है,उस पद की क्या गरिमा रहना चाहिए? मनोज राजानी अभी तक कुछ सुनिश्चित नहीं कर पा रहे हैं। बच्चों जैसी हरकत की है कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी ने, मनोज राजानी कम से कम अब तो बड़े बन जाइए,ठंडे दिमाग से बैठकर विचार करना कि ऐसा जन्मदिन मनाने का आखिर औचित्य क्या,जो जनता के बीच छिछोरा घोषित कर दे?

 

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