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देवास प्रेस क्लब अध्यक्ष कोई भी बने पत्रकार भवन” बनाना उसका संकल्प होना चाहिए

कलयुग की कलम

  देवास प्रेस क्लब अध्यक्ष कोई भी बने

पत्रकार भवन” बनाना उसका संकल्प होना चाहिए

 

पंडित प्रदीप मोदी

(साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार)

9009597101

कल 3 अक्टूबर को देवास प्रेस क्लब के चुनाव होना है और चार दर्जन से अधिक सदस्यों वाले प्रेस क्लब के सदस्य अपना नया अध्यक्ष चुनेंगे। मैंने पिछले दिनों प्रेस क्लब और निवृत्तमान अध्यक्ष को लेकर काफी कुछ लिखा है, बहुत से पत्रकार खुश हुए तो बहुत से नाराज भी हुए हैं। निवृत्तमान अध्यक्ष तो इतने नाराज रहे कि मेरा नाम सुनकर ही आपे में नहीं रहते।सच कहूं तो निवृत्तमान अध्यक्ष पत्रकार है ही नहीं, वे दलाल है और एक थाना प्रभारी ने तो उन्हें दलाल निरूपित भी कर दिया था, उन्होंने अपने जैसे गिने-चुने दलालों का गिरोह बनाकर अपना कार्यकाल पूरा कर लिया, जिसमें प्रेस क्लब की बैठक तक नहीं हुई। मेरा किसी से कोई बेरभाव नहीं, लेकिन खरा और सच लिखने से मुझे परहेज भी नहीं। अभी तक जो भी प्रेस क्लब का अध्यक्ष बना है,उसने सिर्फ व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए इस संस्था का उपयोग किया है, लेकिन संस्था के लिए कभी कुछ नहीं किया। कितने शर्म की बात है कि देवास में प्रेस क्लब,ठीए से संचालित होता है,उसका अपना कोई भवन तक नहीं। निवृत्तमान एवं पूर्व सभी अध्यक्षों ने चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए, यदि तुम पत्रकारों के लिए बैठने की जगह तक हासिल नहीं कर सकते तो देवास तुमसे क्या उम्मीद करें? कैसे तुम देवास के हक और अधिकार के लिए आवाज उठाओगे? अब ऐसा नहीं चलेगा प्रेस क्लब का अध्यक्ष कोई भी बने, उसे पत्रकार भवन के लिए काम करना पड़ेगा और नहीं किया तो उस अध्यक्ष को मेरी कलम तराशने का काम करेगी, क्योंकि मैंने अपनी कलम को हथियार नहीं बनाया है,अपितु औजार बना लिया है।भाई लोगों नेता अधिकारियों के पांव में लोट लगाना पत्रकारिता नहीं होती, बल्कि नेता अधिकारियों से जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाना, जनता की आवाज शासन-प्रशासन के कानों तक पहुंचाना,पत्रकारिता हुआ करती हैं।देखा गया है पत्रकार शासन-प्रशासन की बात तो जनता तक पहुंचा देते हैं, लेकिन जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक नहीं पहुंचाते,अब ऐसा नहीं चलेगा। जनता की आवाज भी पत्रकारों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना पड़ेगी। प्रेस क्लब दलाली करने के लिए नहीं होता, अपितु इस मंच से पत्रकारिता की जाना चाहिए, इसलिए कहता हूं प्रेस क्लब का अध्यक्ष कोई भी बने उसे सबसे पहले “पत्रकार भवन” के लिए काम करना पड़ेगा और नहीं कर पाए तो अध्यक्ष के लिए चुनाव ही मत लड़ना। पत्रकार साथियों से भी निवेदन कि वे किसी धंधेबाज अथवा दलाली करने वाले को अपना अध्यक्ष ना चुने।

 

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