मध्यप्रदेश

हम जीतू भाई सोनी के साथी है  खुद बर्बाद होकर पत्रकारिता को आबाद रखने वाले हैं

कलयुग की कलम

हम जीतू भाई सोनी के साथी है

खुद बर्बाद होकर पत्रकारिता को आबाद रखने वाले हैं

 

पंडित प्रदीप मोदी

साहित्यकार/स्वतंत्र पत्रकार

9009597101

 KKK न्यूज

      कल अनंत चतुर्दशी थी और कल ही मैंने पुलिस विभाग एवं एसपी को लेकर एक पोस्ट डाली थी। अनंत चतुर्दशी होने के कारण अधिकांशतः थाना प्रभारियों की ड्यूटी नगर में लगी थी।रात को एक शुभचिंतक पत्रकार साथी का फोन आया कहने लगे सर क्या तहलका मचा दिया? मैंने कहा चवन्नी के पीछे भागने वाले झूठों के बीच खरा और नंगा सच, तहलका मचाने वाला ही होता है। उन्होंने ही बताया कि सारे टीआई आपकी ही बात कर रहे थे कि ये पंडित प्रदीप मोदी कौन है और इसे लिखने से कैसे रोका जा सकता है? एक टीआई ने तो यहां तक कह दिया कि मेरे थाना क्षेत्र में होता तो कोई भी फर्जी मुकदमा लादकर अंदर कर देता। मैंने बहुत पूछा कि ये फर्जी मुकदमा लादने की बात करने वाला टीआई कौन है? पत्रकार साथी ने नहीं बताया।उस शुभचिंतक पत्रकार ने ही बताया कि सब शैलजा भदौरिया नामक इंस्पेक्टर पर शक कर रहे हैं कि वह लिखवा रही है। मैंने कहा कौन है ये शैलजा भदौरिया? पत्रकार साथी ने बताया कि सर आपने शैलजा भदौरिया के पक्ष में एक से अधिक बार लिखा है, इसलिए उस पर शक कर रहे हैं। मैंने कहा मैंने तो सीएसपी के पक्ष में भी लिखा था, सीएसपी पर शक क्यों नहीं कर रहे हैं? मैंने तो प्रारंभ में एसपी के भी पक्ष में लिखा है, मैं तो अच्छे को अच्छा और बूरे को बूरा लिख दिया करता हूं, इसका यह मतलब तो नहीं कि जिनकी प्रशंसा में लिख दिया, वे मेरे माई-बाप हो गए और जिनके खिलाफ लिख दिया, वे मेरे खानदानी दुश्मन हो गए ? लगता है इन थाना प्रभारियों का वास्तविक पत्रकारों से कभी सामना ही नहीं हुआ है, वरना ये ऐसी टुच्ची बात नहीं करते,खयाली पुलाव नहीं पकाते, अनुमान के घोड़े नहीं दौड़ाते। यहां मैं पुनः स्पष्ट करता चलूं कि मैं नहीं जानता ये शैलजा भदौरिया कौन है? जनता के बीच इस महिला अधिकारी को पसंद किया जाता होगा तो मैंने इसकी प्रशंसा लिख दी होगी, लेकिन मेरे लिखने के कारण इस महिला अधिकारी को टारगेट किया जाएगा तो ये मां चामुंडा की नगरी है और यहां महिला का दिल दुखाने वाले कभी सुखी नहीं रह सकते। मां चामुंडा मेरे जैसे किसी भी अपने लाड़ले बेटे को निमित्त बनाकर आपके सामने लाकर खड़ा कर देगी। यहां एक बात और स्पष्ट करता चलूं कि यदि मेरे लिखने के कारण किसी महिला अधिकारी का नुक़सान किया तो मैं इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लूंगा।पुलिस अधिकारी इधर-उधर पूछते फिरते हैं, ये प्रदीप मोदी कौन है? जबकि मैं अपनी प्रत्येक पोस्ट पर अपना मोबाइल नंबर भी डालता हूं,फोन लगाकर खुद पूछ लो ना कि मैं कौन हूं? अफसोस तो इस बात का है कि पुलिस अधिकारी,नेता और अवैध धंधा करने वालों से तो सम्पर्क बनाए रखना पसंद करते हैं, लेकिन ईमानदार और अच्छे लोगों से दूर भागते हैं।चलो मैं स्वयं बता दूं कि मैं कौन हूं?भाई लोगों मैं महान खोजी पत्रकार श्री जीतू भाई सोनी का परम भक्त हूं,उनका प्रशंसक हूं, उनके साथ काम करने वाला पत्रकार हूं। हम जीतू भाई सोनी के साथ काम करने वाले वे पत्रकार हैं,जो खुद बर्बाद होकर पत्रकारिता को आबाद रखते हैं।

 

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