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राष्ट्रपति के द्वार, पीड़िता की गुहार रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज

कलयुग की कलम

राष्ट्रपति के द्वार, पीड़िता की गुहार

रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज

दहेज हेतु प्रताड़ना, दूसरी पत्नी व अप्राकृतिक दुराचार।

20 साल से एक ही जगह जमे रेल कर्मचारी की करतूत।

प्रयागराज। न्याय के लिए दर-दर की ठोकर खाने व निराशा हाथ लगने पर पीड़ित महिला ने अब सीधे राष्ट्रपति से न्याय की गुहार लगाई है जिसपर राष्ट्रपति सचिवालय ने डीजीपी उत्तर प्रदेश को निर्देश जारी किया है।

जानकारी के अनुसार मोती लाल मिश्रा उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय प्रयागराज में वरिष्ठ अधिकारी हैं जोकि अपनी ऊंची पकड़ व रसूख के चलते विगत 20 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हैं। मोती लाल मिश्रा की प्रथम व्याहता पत्नी लीला देवी मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनके एक बच्चा होने के बाद से ही उनका पति मोती लाल मिश्रा किसी दूसरी अवैध पत्नी के चक्कर में पड़कर लीला देवी मिश्रा को दहेज के लिए प्रताड़ित करते हुए मरता-पीटता था व उसे अपने से अलग करके दूसरी अवैध शादी कर ली है।

बता दें कि मोती लाल मिश्रा की व्याहता पहली पत्नी लीला देवी मिश्रा से एक बच्चा रजनीश मिश्रा है जोकि मात्र इंटर तक की पढ़ाई के बाद अयोध्या में प्राइवेट नौकरी करके गुजर-बशर करता है जबकि मोती लाल मिश्रा के साथ रह रही अवैध दूसरी पत्नी संध्या

से 3 बच्चे जिनमे दो बेटियां शिखा व शाक्षी तथा एक बेटा मयंक है जोकि मोती लाल मिश्रा के सरकारी आवास नवाब यूसुफ रोड , कालोनी न 588/A दूसरा मार्ग रेलवे कालोनी पर ही रहते हैं। वहीं पता चला है कि मोती लाल मिश्र ने अपने पुस्तैनी मकान स्थित उमापुर, पोस्ट – जसरा , थाना – बारा, जिला – प्रयागराज को भी काफी शानदार बना रखा है। लीला देवी मिश्रा का यह भी आरोप है कि उसके पति मोती लाल मिश्रा ने अपने साथियों एस. ए. खान व 2 अन्य के साथ मिलकर उसके साथ अप्राकृतिक दुराचार किया जिसकी शिकायत भी उच्च अधिकारियों से की गई है व समस्त प्रकरण को माननीय न्यायालय के समक्ष भी रखा गया है लेकिन न्याय में अति बिलम्ब के कारण पीड़ित महिला ने देश के राष्ट्रपति से न्याय हेतु गुहार लगाई है जिसपर राष्ट्रपति ने डीजीपी उत्तर प्रदेश को कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किया है।

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