मध्यप्रदेश

ज़िंदा किसान को मुर्दा बताकर बंद हुई पीएम किसान सम्मान निधि

कलयुग की कलम

ज़िंदा किसान को मुर्दा बताकर बंद हुई पीएम किसान सम्मान निधि

कलयुग की कलम / योगेश योगी/सतना

 प्रधानमंत्री किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात करते हैं वहीं मध्यप्रदेश में नौकरशाही इस कदर मनमानी पर है कि वह खुद को शासन से भी बड़ा मानती है। ऐसा ही कुछ हुआ है नागौद तहसील के ग्राम रौंड थाना सिंहपुर निवासी नीलेश लोधी के साथ जिनको प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दो किस्तें जारी भी हुईं इसके बाद उनकी किस्तें बंद हो गईं और सिस्टम में उन्हें मृतक बता दिया गया। अब प्रश्न ये उठता है कि आखिर इतनी बड़ी भूल हुई है या की गई है क्योंकि किसी भी व्यक्ति को किसी पोर्टल पर मृतक बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के दर्ज करना या दिखाना कई सवाल खड़े करता है। जब हमारे संवाददाता ने किसान नीलेश से बात की तो उन्होंने बताया कि अपनी चाची शकुंतला का आधार कार्ड पटवारी विजय द्वारा प्रमाणित नहीं किया गया जिसकी शिकायत 181 में दर्ज करवाई थी और शिकायत वापस लेने का लागतार दबाव भी बनाया गया और इसी बात की खुन्नस निकालने के लिए जानबूझकर उसकी सम्मान निधि रोकी गई । वहीं जब हमने पटवारी विजय से बात की तो उनका कहना है कि किसान ज़िंदा है या मृत यह तो मेरे संज्ञान में नहीं है चूंकि यह लिपिकीय त्रुटि है और अभी हड़ताल चल रही इसलिए मैं ज्यादा नहीं बता सकता।

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