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प्रभारी मंत्री देवड़ा के अनुरोध पर आरटीओ के बाबू का पौवा भारी

कलयुग की कलम

प्रभारी मंत्री देवड़ा के अनुरोध पर आरटीओ के बाबू का पौवा भारी

एक घण्टे में कार्यमुक्त करने कहा मंत्री ने

48 घण्टे से अधिकारी नहीं कर रहे स्थानांतरित क्लर्क को कार्यमुक्त

कलयुग की कलम

कटनी। शिवराज जी की सत्ता में उनके ही मन्त्रियों की कोई वजनदारी शेष नहीं रहती। कहा जाए तो यह तबादला इंडस्ट्रीज की नीतियां हैं जिसमें सालों से जमे क्लर्क को ट्रांसफर होने के बाद भी कार्यमुक्त नहीं किया जाता क्योंकि भोपाल में तबादला इंडस्ट्रीज के प्रबन्ध निदेशकों से डील चल रही है तो बेचारा प्रभारी मंत्री क्या कर लेगा। जिले के लोग अब बीजेपी सत्ता और उसके मन्त्रियों के हल्केपन पर ठहाके लगाने लगे हैं।

26 अगस्त को जिले के प्रभारी मंत्री दो दिवसीय टीकाकरण महोत्सव में भाग लेने आए थे। सांसद वीडी शर्मा भी इस महोत्सव में शामिल हुए और पीएम का यशोगान करके विदा हुए। जनता ने अपनी समस्याओं के ज्ञापन मंत्री और सांसद को देते हुए सुविधाओं की मांग की। आश्वासन की मौखिक रसीदें जनता को तुरंत निःशुल्क मिल गई, भविष्य में समस्या का स्थान समाधान ले पाएगा अथवा नहीं यह ईश्वर जाने।

आर टी ओ में सद्शाब्दियों से कटनी जिले में पदस्थ क्लर्क जितेंद्र सिंह बघेल का इस वर्ष सतना में तबादला हो जाना विस्मयकारी घटना थी। जनता को विश्वास नहीं हुआ कि ऐसा भी हो सकता है । लेकिन यह बीजेपी शासन की लीला थी कि ट्रांसफर हुआ और बाबू को कार्यभार मुक्त नहीं किया गया।

यह बात प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा के प्रवास पर सामने आई। उन्हौने 26 अगस्त को कटनी आरटीओ को टेलीफोनिक निर्देश किया कि एक माह से स्थानांतरित जितेंद्र बघेल को आप कार्यमुक्त क्यों नहीं कर रहे। एक घण्टे के अंदर कार्यमुक्त करके शासकीय स्थानांतरण आदेश का पालन करिए। मोहतरमा आरटीओ ने मंत्री जी के निर्देश का पालन करने की स्वीकारोक्ति दी। इसके बाद मोहतरमा पर न जाने किसका दबाव आ गया कि वे 48 घण्टे बाद भी क्लर्क को रिलीव नहीं कर पा रहीं और न प्रभारी मंत्री को बता पा रही हैं कि शासकीय आदेश की तौहीनी करना उनके लिए अनिवार्य क्यों हो गया है।

बीजेपी कार्यकर्ता भी सन्न

प्रभारी मंत्री की प्रभावहीनता को देखकर स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ता भी दांतो तले उंगली दबाकर स्तब्ध रह गए हैं।

आरटीओ दलाल आश्वस्त,रदद् तो होना है ऑर्डर

आरटीओ दलालों के जगत में क्लर्क श्री बघेल का ट्रांसफर भोपाल स्तर से रुक जाने का भरोसा कायम है। एजेंट कहते हैं कि बघेल बाबू ने उन्हें आश्वस्त किया है कि ऊपर बात हो गई है, रद्दीकरण का आदेश बस पहुंचने ही वाला है। सम्भवतः इसी भरोसे पर आरटीओ ने प्रभारी मंत्री के टेलीफोनिक निर्देश को कूड़ा करकट मानकर अवहेलना कर दी है।

 

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