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अफगानिस्तान पाकिस्तान पर का बवाल हिन्दुस्तान के मुसलमानों से सवाल क्यों  हिन्दू की सरकार फिर भी दोसी मुसलमान क्यों

कलयुग की कलम

अफगानिस्तान पाकिस्तान पर का बवाल हिन्दुस्तान के मुसलमानों से सवाल क्यों

 हिन्दू की सरकार फिर भी दोसी मुसलमान क्यों

कलयुग की कलम

दूसरे देशों से जाकर वहां वह मजदुरी नौकरी कर रहे थे जो लोग वापस अपने देश लौट रहे हैं जिस तरह कोविड-19 के शुरुआती लहर में लोग एक प्रदेश से दूसरी प्रदेशों में नौकरी मजदूरी करने गए हुए थे हड़बड़ी की वजह से पैदल ही चल दिए उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है हमारे देश की सरकार उन्हें वापस लाने के लिए लामबंद है ।

मौजूदा हालात पर पूरी नज़र बनाए हुए हैं वहां पर जो तालिबान अपनी हुकूमत बना ली है उससे भी राफ्ता सरकार कर रही है।

क्या अफगानों को शरण और नागरिकता देना चाहिए

इसमें शरण देने की कोई बात ही नहीं है आइडेंटिफिकेशन करके ही वहां से लोगों को लाया जाए जिनके पास अफगानिस्तान से संबंधित दस्तावेज पाए जाते हैं उन्हें वहीं छोड़ दिया जाए हिंदुस्तान की आबादी पहले से ही बड़ी हुई है बेरोजगारी और अन्य मामलों में देश पिछड़ रहा है इसलिए दूसरे देश के लोगों को शरण देने की गुंजाइश अभी देश में नहीं है।

ये हैं देश के मौजूदा हालात

जब खुद का परिवार का लालन पोषण नहीं कर पा रहे हो तो दूसरे के बच्चों की जिम्मेदारी या गोद लेने की नहीं सोचना चाहिए

अफगानिस्तान के हालात का पुरा जिममेदार गनी

सबसे बड़ी समस्या का कारण अमेरिका द्वारा नियुक्त राष्ट्रपति गनी है जितनी भी गालियां देना चाहिए उसी को देना चाहिए उसे अपने प्राण त्याग देना था लेकिन भागना नहीं था उसने अपनी जिम्मेदारी छोड़कर पूरे देश को अंधेरे कुएं में ढकेल दिया है

देश मैं चल रहे घटना क्रम मात्र राजनीति हैं ।

रही बात झगड़े की तो यहां राजनीतिक पार्टियां एक नहीं हो सकती हैं जबकि सभी पार्टियां हिंदू पार्टी ही हैं।

कांग्रेस बीजेपी सपा बसपा अन्य

यहां तो कोई भी पार्टी मुस्लिम पार्टी नहीं है फिर मुसलमानों को टारगेट करते हुए हर बात लिखना कहां तक उचित है।

महाभारत में हिंदू वर्सेस हिंदू का विवाद था वैसे ही कर्बला में मुस्लिम वर्सेस मुस्लिम का

उस बेवकूफ गनी ने इंसान तो इनसान देश के सैनिकों को भी किसी प्रकार का आदेश नहीं दिया अपनी जान बचाकर भाग गया मजबूरन पूरे के पूरे सैनिक सिलेंडर हुए

देश मुखिया से चलता है जैसे ट्रेन इंजन से व्यक्ति के अगर हाथ पैर काट दिए जाएं तब भी वह जीवित रहेगा लेकिन सर काट किया जाए तो उसका अस्तित्व ही खत्म हो जाता है उसी प्रकार वहां भी हुआ है।

हिन्दुस्तान का आदमी गलत को गलत कहा जाता है और कार्यवाही भी होती है अरब के अंदर जो लोग चोरी करते हैं उसके हाथ काटे जाते हैं बलात्कार करने वालों के सर काटे जाते हैं चोरी करने वाले मुसलमान बलात्कार करने वाले मुसलमान

सर काटने वाले भी मुसलमान होते हैं क्योंकि वहां की गोरमेंट इस्लामिक है।

एक चीज और वहां हर किसी के हाथ में A47 चेहरे में दाढ़ी टोपी और पठानी सूट में जो लोग नजर आ रहे हैं वह आश्चर्य करने वाली चीज नहीं है क्योंकि वहां की फौज की यूनिफॉर्म ही यही है और दाढ़ी रखना वहां का कानून है।

लोगों को डर के मारे अपना घर नहीं छोड़ना था

सारी बीमारी की जड़ वहां का राष्ट्रपति गनी है

अगर अमेरिका इतना पावरफुल था गनी को कांटेक्ट में लेना था या फिर गनी के हटने से पहले वहां कोई दूसरी व्यवस्था कायम करना था उसके भागने के बाद भी अमेरिका ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया बल्कि बातचीत का रास्ता अपनाते हुए अच्छे संबंध और व्यवस्था कायम करने की बात कह रहा है बीबीसी लंदन की रिपोर्ट है।

मोहम्मद आरिफ खान एपीजे अब्दुल कलाम शाहनवाज हुसैन मुख्तार अब्बास नकवी इनको देश के मुसलमान क्यों फॉलो नहीं करते हैं

ओवैसी आजम खान इनको फॉलो करते हैं ।

ठीक वैसे ही जैसे मोहन भागवत जी को गोलवलकर जी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी को अटल बिहारी बाजपेई जी को सभी हिंदू अपना नहीं मानते

सभी लोग मोदी जी का समर्थन नहीं करते सभी लोग योगी जी का समर्थन नहीं करते कुछ कांग्रेस कुछ भाजपा कुछ सपा बसपा के नेताओं को अपना आइडियल मांनते हैं बहुत से लोग आज भी आसाराम रामरहीम रामपाल को अपना आइडियल मानते हैं और उनकी फोटो घर पर रखते पूजते भी

रही बात ओवैसी आजम खान और उन जैसे और भी नेताओं की तो वह मुसलमानों के नेता नहीं है वह जिस जगह पर चुनाव लड़ रहे हैं या जिस जगह से जीत रहे हैं वहां के नेता हो सकते हैं

मुसलमान सपा बसपा बीजेपी कांग्रेस जिसको भी वोट देता है मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री विधायक हिंदू ही बनता है इससे पता चलता है कि मुसलमान भेदभाव नहीं करता बल्कि अपने मत का इस्तेमाल अपने ही देश के खेत में करते हुए व्यक्तिगत रूप से सामाजिक रूप से सामूहिक रूप से व्यक्ति विशेष से जुड़ते हुए जैसे सभी लोग अपना मत का प्रयोग करते हैं उसी प्रकार ही करता आ रहा है

सिर्फ वक्त वक्त की राजनीति है मेरे भाई हम सब लोग किसी न किसी पार्टी और विचारधारा से जुड़े हुए हैं और सोशल मीडिया में चल रहे अच्छे बुरे विचारों से रोजाना पाला पड़ता है हम जिसे बुरा भला कहते हैं कल को वह व्यक्ति जाकर अन्य दल पार्टी से मिल जाता है आज भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश की सरकार में कांग्रेस पार्टी के सभी नेता मंत्री पद प्राप्त कर बैठे हुए हैं हमारी विचारधारा को छलनी किया गया है यह बात प्रत्यक्ष रूप से आप देख सकते हैं हम सबको बेवकूफ बनाया जा रहा है ना कोई विचारधारा है और ना ही कोई पार्टी सभी लोग एक हो जाते हैं वक्त आने पर पर छला जाता है विचारधारा से प्रेरित हम और आप जैसा कार्यकर्ता

जो दिख रहा है उसे समझना चाहिए ध्यान के साथ उस पर आत्ममंथन करना चाहिए फिर ईश्वर की तरफ से उसके सकारात्मक परिणाम हमारे दिमाग में ऑटोमेटिक ही आ जाते हैं ।

फिलहाल यूपी का चुनाव है चुनाव के बाद फिर हमारे भी संबंध उन्हीं के साथ बन जाएंगे जिनके हम खिलाफ हैं।

लेखक

अब्दुल कादिर खान

 

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