UNCATEGORIZED

बिजली कम्पनी की हर साख पर उल्लुओं का डेरा *स्मार्ट बिजली एप में की गई जटिलताओं को तत्काल दूर किया जाय

कलयुग की कलम

बिजली कम्पनी की हर साख पर उल्लुओं का डेरा

स्मार्ट बिजली एप में की गई जटिलताओं को तत्काल दूर किया जाय

मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कम्पनी विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट बिजली एप के माध्यम से रीडिंग, देयक का भुगतान आदि करने का समय – समय अनुरोध करती रहती है । अधिकांश उपभोक्ताओं ने स्मार्ट बिजली एप का उपयोग करना भी शुरू कर दिया है ।

मगर लगता है कम्पनी की हर साख में बैठे उल्लुओं ने स्मार्ट बिजली एप के उपयोग पर पलीता लगाने की ठान ली है तभी तो पिछले माह तक बिना किसी परेशानी के स्मार्ट बिजली एप के जरिये विधुत देयक का भुगतान करने की प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है । जो आम उपभोक्ताओं के लिए भारी मुसीबत का काम है ।

कम्पनी ने एम डी से लेकर नीचे तबके तक के प्रत्येक अधिकारी को मोबाईल में व्हाट्सएप चलाने की सुविधा दी हुई है । मगर अधिकांश अधिकारियों ने आम आदमी की परेशानियों से किनारा करने के लिए व्हाट्सएप देखना ही बंद कर दिया है । सूत्रों का कहना है कि व्हाट्सएप का उपयोग कमीशनखोरी के लिए बिजनेस परपज़ बता कर किया जा रहा है ।

इसी कड़ी में कारपोरेट ऑफिस जबलपुर से कटनी के अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता की कुर्सी में बैठाये गये व्यक्तियों को शामिल किया जा सकता है । इनके पूर्व पदस्थ रहे अधिकारियों द्वारा व्हाट्सएप पर आम आदमी द्वारा भेजी गई शिकायतों को न केवल देखा – पढ़ा जाता था बल्कि बाकायदा उनका निराकरण भी किया जाता था ।

मगर जब से अधीक्षण अभियंता और शहर संभाग के कार्यपालन अभियंता की कुर्सी में कम्पनी कारपोरेट ऑफिस से भेजे गए लाट साहब बैठे हैं इन्होंने तो एक बार भी व्हाट्सएप खोलना मुनासिब नहीं समझा । लगता है एम डी द्वारा भी लेनदेन की शर्तों के तहत भेजे गए अधिकारियों की मनमर्जी पर अपने आंख – कान बंद कर लिये गये हैं ।

एम डी को तत्काल स्वयं संज्ञान लेते हुए स्मार्ट बिजली एप द्वारा रीडिंग और देयक भुगतान की प्रक्रिया में किये गए बदलाव को वापिस लेते हुए पूर्व में सहज सरल सुविधाजनक प्रक्रिया को बहाल करें ताकि आम उपभोक्ता बिना किसी परेशानी के रीडिंग और विद्युत देयक का भुगतान कर सके ।

 

अश्वनी बड़गैंया, अधिवक्ता

स्वतंत्र पत्रकार

Related Articles

error: Content is protected !!
Close