छत्तीसगढ़

मनेन्द्रगढ़- हसदेव नदी मनेन्द्रगढ़ के तट पर इटंकवेल के पास लगभग 28 करोड़ वर्ष पुराने गोंड़वाना मेरीन फासिल्स पार्क के संरक्षण एवं बायोडायवर्सटी हैरीटेज साईट चिन्हाकंन करने के सन्दर्भ में छ0ग0 राज्य जैव विविधता बोर्ड रायपुर द्वारा विगत दिवस राष्ट्रीय वर्चुअल वीडियों क्रान्फेसिंग का आयोजन किया गया

कलयुग की कलम

मनेन्द्रगढ़- हसदेव नदी मनेन्द्रगढ़ के तट पर इटंकवेल के पास लगभग 28 करोड़ वर्ष पुराने गोंड़वाना मेरीन फासिल्स पार्क के संरक्षण एवं बायोडायवर्सटी हैरीटेज साईट चिन्हाकंन करने के सन्दर्भ में छ0ग0 राज्य जैव विविधता बोर्ड रायपुर द्वारा विगत दिवस राष्ट्रीय वर्चुअल वीडियों क्रान्फेसिंग का आयोजन किया गया. इस राष्ट्रीय वैचारिक विचार विमर्श में डायरेक्टर जियोलॉजिकल सर्वें ऑफ इंडिया, डायरेक्टर वीरबल साहनी इस्टीट्यूट लखनऊ, मेम.सेके, सी.जी.एस.बी.बी. रायपुर( ए.पी.सी.सी.एफ) बीसी.पीटी. रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर सहित वन मंडलाधिकारी मनेन्द्रगढ़ विवेकानंद झा, एस.डी.ओ. फारेस्ट मनोज विश्वकर्मा एवं संबोधन साहित्य एवं कला संस्थान के अध्यक्ष विनोद तिवारी संस्था के विचार मंच विभागध्यक्ष विरेन्द्र श्रीवास्तव, गौरव अग्रवाल, सतीश उपाध्याय, संतोष जैन, अरविन्द वैश्य,, केशरवानी शिक्षा समिति बायोडायवर्सिटी-कनवरशेसन, अंबिकापुर से शुभम अग्रवाल आदि शामिल रहे. इस महत्वपूर्ण सारगर्भित परिचर्चा के दौरान समस्तजनों ने अपने विचार रखे तथा इस बात पर सहमति बनी की मेरीन फासिल्स पार्क के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु तत्काल शीघ्र कार्य करने की आवश्यकता है. उक्त जानकारी देते हुए संस्था के प्रचार प्रसार विभागध्यक्ष नरेन्द्र अरोड़ा ने बताया की इसी परपेक्ष्य में आगामी अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में एक राष्ट्रीय सर्वे टीम मनेन्द्रगढ़ आयेगी जो यहां आकर यह सुनिश्चित करेगी की उपरोक्त गोंड़वाना मेरीन फासिल्स पार्क को विकसित करने के लिये क्या-क्या कार्य किये जा सकते है. उल्लेखनीय है कि यह संबोधन संस्था के कई वर्षों से जारी प्रयासों का ही परिणाम है कि गोंड़वाना मेरीन फासिल्स पार्क को विश्वस्तरीय पहचान मिल सकेगी

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