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“डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर लापरवाह शिवराज सरकार भाजपा कार्यसमिति में व्यस्त “

कलयुग की कलम

“डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर लापरवाह शिवराज सरकार भाजपा कार्यसमिति में व्यस्त “

“डेल्टा प्लस वेरिएंट मेडिकल एडवाइज़री जारी करें सरकार “

“डेल्टा प्लस वेरिएंट जॉंच करने हेतु जीनोम सीक्वेंसिंग जॉंच लैब एंव मशीन शिवराज सरकार के पास नहीं हैं,ना ही मशीन ख़रीदने का आदेश दिया”

“प्रदेशवासियों के लिए डेल्टा प्लस वेरिएंट से सुरक्षा के लिए नयी गाइडलाइन जारी करें सरकार”

डेल्टा प्लस वेरिएंट मरीज़ लगातार बढ़ रहे हैं जॉंच के अभाव में स्थिति भयावह हो जाएगी “

कलयुग की कलम

इन्दौर, शिवराज सरकार ने एक बार फिर से म.प्र. को डेल्टा प्लस संक्रमण के हवाले कर दिया हैं।दूसरी लहर में शिवराज सरकार की ग़ैरज़िम्मेदारी की वजह से लाखों लोगों की मौत हुई थीं।अब तीसरी लहर में बिना तैयारी म.प्र. वासियों को डेल्टा प्लस की भेंट चढ़ाने के लिए बेसहारा छोड़कर भाजपा कार्यसमिति की बैठक कराने में व्यस्त हैं।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया हैं की शिवराज सरकार ने देश में पॉंच अप्रेल को जॉंच में डेल्टा प्लस कोरोना वायरस का पता चलने के बाद भी शिवराज सरकार और केंद्र सरकार ने आवश्यक कदम नहीं उठाये।इस वजह से अब देश एंव प्रदेशवासियों को एक बार फिर से डेल्टा प्लस का शिकार होना पड़ेगा।डेल्टा प्लस वेरिएंट बी.1.617.2 स्ट्रेन का म्यूटैंट वर्जन हैं।डब्ल्यूएचओ ने बी.1.617.2 स्ट्रेन को डेल्टा नाम दिया हैं।दूसरी लहर से ज़्यादा तेज़ी से फैलने वाला डेल्टा प्लस संक्रमण हैं।शिवराज सरकार को तत्काल टेस्टिंग एंव ट्रेसिंग युद्ध स्तर पर बढ़ावा चाहिए जिससे डेल्टा प्लस संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।लेकिन आश्चर्यजनक हैं की शिवराज सरकार ने प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की जॉंच करने के लिए डेल्टा प्लस वेरिएंट का पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेसिंग जॉंच लैब में मशीन ही उपलब्ध नहीं करायी गई हैं ।इससे सरकार की नीयत एंव गंभीरता स्पष्ट हो रही हैं।

डेल्टा प्लस वेरिएंट की जॉंच लैब का म.प्र. में उपलब्ध न होना शिवराज सरकार की विफलता हैं जबकि डेल्टा प्लस वेरिएंट की सूचना अप्रेल माह में ही प्राप्त हो गई थी ।इसके पश्चात दो माह से सरकार कुंभकर्ण की नींद सो रही थी।

वैक्सीन लगाने की गति दस गुना करने की आवश्यकता हैं।शिवराज सरकार सारे नौटंकी वाले काम छोड़कर तत्काल नये दिशा निर्देश जारी करके डेल्टा प्लस संक्रमण रोकने के उपाय के अन्तर्गत सभी शहरों एंव ज़िलों में भीड़ भरे बाज़ारों में तत्काल प्रतिबंध लगाया जाये।बिना वैक्सीन सभी सार्वजनिक स्थानों के साथ मॉल,सिनेमाघर,शादी एंव अंतिम संस्कार में प्रतिबंधों का सख़्ती से पालन कराया जाये।शादी एंव अंतिम संस्कार में सिर्फ़ दस व्यक्तियों की अनुमति ही दी जाये।शासकीय कार्यालय,बैंक,प्रायवेट ऑफिस एंव धार्मिक स्थलों पर बिना वैक्सीन प्रतिबंधित किया जाये।दुकानदार एंव स्ट्रीट वेन्डरों को व्यवसाय करने के लिए वैक्सीन लगाना आवश्यक घोषित किया जाये ।समस्त पेट्रोल पंप कर्मचारी ,दूध वितरण करने वाले एंव सार्वजनिक परिवहन के कर्मचारियों को प्रमुखता से वेक्सीन लगवाई जाये।शराब दुकानों से बिना वेक्सीन लगे व्यक्ति को शराब लेना प्रतिबंधित करा जाये।डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर नई गाइडलाइन एंव दिशा निर्देश जारी करके संक्रमण रोकने का प्लान तैयार किया जाये।सभी नियमों का अगर सख़्ती से पालन नहीं कराया गया तो तीन सप्ताह बाद भयावह स्थिति निर्मित हो जाएगी ।मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मॉंग की हैं तत्काल सुरक्षा हेतु उपरोक्त अतिआवश्यक कदम उठाना चाहिए अन्यथा परिणाम बेहद गंभीर आयेंगे ।यह सारी सावधानी के बाद भी कुछ हद तक डेल्टा प्लस को रोक पायेंगे।शिवराज सरकार को मेडिकल तैयारियों को लेकर जानकारी सार्वजनिक करना चाहिए क्योंकि शिवराज सरकार के दावों एंव हक़ीक़त में ज़मीन आसमान का फ़र्क़ हैं।शिवराज सरकार यह स्पष्ट करें की आज तक डेल्टा प्लस वेरिएंट की जॉंच करने हेतु जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन क्यों नहीं ख़रीदी गई हैं।क्या यह प्रायवेट लैबों को आपदा में अवसर प्रदान करने के अन्तर्गत आत्मनिर्भर म.प्र.बनाने की योजना हैं.?

शिवराज सरकार का जॉंच लैब नहीं बनाना ही स्पष्ट करता हैं की सरकार गंभीर नहीं हैं।राज्य के नागरिकों के लिए पिछले एक साल से मेडिकल सुविधाएँ ही नहीं जुटा सके हैं।शिवराज सरकार के अनुसार वर्तमान में 112 ऑक्सीजन प्लांट में से मात्र 12 प्लांट शुरू हुए हैं।साढ़े सात करोड़ की आबादी में मात्र साढ़े चार हज़ार ऑक्सीजन कंसेट्रेटर का मतलब 16,666 व्यक्तियों पर एक ऑक्सीजन कंसेट्रेटर उपलब्ध हैं।इसी तरह संपूर्ण म.प्र. में मात्र 60,000 बेड की व्यवस्था हैं मतलब 1250 व्यक्तियों पर एक हॉस्पिटल बेड उपलब्ध हैं।लगभग 61 करोड़ रूपये मेडिकल उपकरणों के लिए जारी करे गये थे लेकिन आज तक डेल्टा प्लस वेरिएंट जॉंच लैब की मशीन ही नहीं आयी हैं।इससे स्पष्ट हैं की शिवराज सरकार की तैयारी क्या हैं।जब डेल्टा प्लस वेरिएंट जॉंच लैब ही नहीं हैं तो संक्रमण रोकना असंभव हैं।पुणे से जॉंच दस दिन में आती हैं तब तक तो म.प्र. डेल्टा प्लस वेरिएंट की भेंट चढ़ जायेगा।दवाईयों को लेकर आज तक दवाई कंपनियों को ऑर्डर नहीं दिये गये हैं।बच्चों के हॉस्पिटल बेड की उपलब्धता संख्या क्या हैं यह सरकार ने आज तक स्पष्ट नहीं करा हैं।बच्चों के वेंटिलेटर कितनी संख्या में उपलब्ध हैं यह भी सरकार ने स्पष्ट नहीं करा हैं।

शिवराज सरकार को तत्काल बच्चों एंव वयस्कों की मेडिकल एडवाइज़री जारी करके प्रदेशवासियों को मेडिकल तैयारियों की जानकारी देना चाहिए एंव प्रत्येक ज़िले में डेल्टा प्लस वेरिएंट कंट्रोल रूम स्थापित करके हेल्पलाइन नम्बर जारी करना चाहिए ।

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