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.सेवा और समर्पण की मिसाल युवा समाजसेवी अखिलेश सिंह पर्वत 

कलयुग की कलम

.सेवा और समर्पण की मिसाल युवा समाजसेवी अखिलेश सिंह पर्वत

.एक युवा जिसने पेश की दानवीरता की नई नजीर.

कोरोनाकाल में ऐसे नेक काज किए की मिल रही हैं दुआएं

दस वर्षों से सेवा का व्रत लिए घूम रहे हैं द्वारे-द्वारे

कलयुग की कलम सुल्तानपुर…._

विश्व ब्यापी कोरोना के इस संक्रमणकाल ने डेढ़ साल की अवधि में जो जख्म झेलने को मिले जिनकी भरपाई सदियों तो शायद सदियों तक नहीं हो पाएगी,लेकिन त्रासदी के इस कालखंड में कई देवदूत बनकर ऐसे अवतरित हुए जिन्होंने सेवाभाव से देश-प्रदेश,समाज को एक बार फिर से उठ खड़ा कर दिया। कोरोनकाल के सेवभावियों में सोनू सूद का नाम तो दुनिया जानती है पर ऐसे ही अनगिनत नाम हैं , जिन्होंने अपना सर्वश: झोंक मदद में कोई कसर नहीं छोड़ी। इन्हीं में से एक अदद चेहरा है जनपद सुल्तानपुर के चर्चित समाजसेवी अखिलेश सिंह पर्वत का है।

कोई ऐसा क्षेत्र नहीं जहां इमदाद नहीं पहुंची हो सुल्तानपुर जनपद में तो ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहां इमदाद (मदद) की जरूरत हो वहां अखिलेश पर्वत अथवा उनकी टीम नहीं पहुंची हो। यहां तक हजारों परिवारों तक एक व्यक्ति विशेष की तरफ से सहायता पहुंचाना असंभव सा लगता है पर वे हजारों हाथ इसके गवाह जिन तक अखिलेश सिंह पर्वत की ओर से मदद पहुंचाई गई।चिकित्सा सुविधाओं की बात आई तो उसमें भी कसर नहीं छोड़ी। बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, अन्य उपकरण जहां जरूरत महसूस हुई वहीं टीम अखिलेश सिंह पर्वत पहुंच गए।मदद के लिए जो भी आया खाली हाथ नहीं लौटा अखिलेश सिंह पर्वत का सेवाभाव का ये जुनून और जज्बा नया नहीं है। पिछले 10 वर्षों से सुल्तानपुर क्षेत्र में वे यूं ही अनवरत जुटे हुए हैं। घर-घर जरूरतमंद के राशन पहुंचाना।

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