UNCATEGORIZED

राजा नंगा है गरीबों की छाती में मूंग दलकर मर्दानगी दिखाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों का हिजड़ापन उस समय बेनकाब होकर एक बार फिर सामने आ गया जब प्रदेश का दो नम्बरी राजा सरेआम नंगा घूमता रहा और प्रशासनिक लॉबी ऊंट बिलैया लय गई हां जू हां जू करती रही ।

कलयुग की कलम

              राजा नंगा है

गरीबों की छाती में मूंग दलकर मर्दानगी दिखाने वाले प्रशासनिक अधिकारियों का हिजड़ापन उस समय बेनकाब होकर एक बार फिर सामने आ गया जब प्रदेश का दो नम्बरी राजा सरेआम नंगा घूमता रहा और प्रशासनिक लॉबी ऊंट बिलैया लय गई हां जू हां जू करती रही ।

जो पुलिस मॉस्क नहीं लगाने पर नाबालिग बच्चों से जेब खर्च को मिले पैसे तक छीनने में सीना तान कर फूली नहीं समाती है । उसी पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों का साहस दुम दबाकर तब हवा हो गया जब प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और उनके साथ खड़े तमाम तथाकथित सफेदपोश बिना मॉस्क लगाये अपनी ही सरकार के बनाये नियमों को वस्त्रहीन कर रहे थे ।

पुलिसिया बर्बरता का शिकार हुए लोगों के घाव उस समय हरेभरे हो गए जब प्रदेश गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित तमाम तथाकथित नेताओं की बिना मॉस्क तथा सामाजिक दूरी के साथ जारकर्म करती हुई फोटोज सोशल मीडिया में मय समाचार जारी की जाने लगी ।

सरकार के खजाने से लाख रुपए से ज़्यादा माहवारी पगार तथा अधिकारों से लैस प्रशासनिक अधिकारियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी दायित्वक कर्तव्यनिष्ठा सफेदपोशों के पैरों तले गिरवी रखी हुई है । उनकी सारी अफसरशाही की अकड़ केवल आम आदमी और निरीह जनता पर जुल्मोसितम करने के लिए ही है । खास के आगे तो वे श्वान की माफ़िक पूंछ हिलाते हुए नज़र आते हैं । वरना क्या कारण है कि कानून सबके लिए बराबर है का पाठ पढ़ाने वाले कानून का उल्लंघन करने वाले नरोत्तम मिश्रा और उनके साथ खड़े मॉस्क विहीन लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई करना तो दूर कार्रवाई करने का नाटकीय साहस भी नहीं दिखा पाये । 25 जून 2021 बारडोली के लिये ठीक उसी तरह काले दिवस के रूप में दर्ज किया जाना चाहिए जिस प्रकार 25 जून 1975 को इमरजेंसी लगाए जाने के रूप में दर्ज किया गया है ।

 

अश्वनी बड़गैंया, अधिवक्ता

स्वतंत्र पत्रकार

Related Articles

error: Content is protected !!
Close