उत्तरप्रदेश

नवीन मंडी स्थल जसरा मे दबंगों का कब्जा जिम्मेदार मलाई काटने मे मस्त रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज

कलयुग की कलम

नवीन मंडी स्थल जसरा मे दबंगों का कब्जा जिम्मेदार मलाई काटने मे मस्त

नवीन मंडी स्थल जसरा मे फड़िहो का कब्जा किसान लाइसेंस धारक परेशान

प्रयागराज बारा तहसील के जसरा अमरेहा मे फल और सब्जी की बहुत बड़ी मंडी है जहाँ पर प्रति दिन हजारो की संख्या मे किसान सब्जी ले कर आते है आढ़तियों के माध्यम से किसानों के फल सब्जी को बेचा जाता है किसानों और आढ़तियों का आरोप है की फड़िहो द्वारा किसानों की फल सब्जी सस्ते दामो पर मार पीट कर खरीद और छीन लिया जाता है लोगो का कहना है कि मंडी समिति के अगल बगल गॉव के कुछ दबंग लोग जो मंडी के अधिकारियो की मिलीभगत से क्षेत्र के आने बाले किसानों की सब्जी जबरदस्ती औने पौने दाम में ले लेते है फिर अपने हिसाब से किसानों का भुगतान करते है जब किसान इसका विरोध करते है तो उनके साथ बदसलूकी करते है अधिकारी भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही करते है सबसे बड़ी विडंबना ये है कि लोकल होने के कारण मारते पीटते है डरा धमका कर किसानों का सब्जी फल खरीद लेते है जिससे किसानों और आढ़तियों को काफी परेशानी होती है ।

आढ़तिया विकास कुमार ने इस वावत एक शिकायती प्रार्थना पत्र उपजिलाधिकारी बारा को देकर बताया कि उनकी दुकान है लाइसेंस बना है उनको दुकान की जगह दी गयी जिसमे उन्होंने अपना आढ़त तीन सेड बना लिया जब उनका कुछ कम चलने लगा तो दबंग आकर उनकी दुकान पर जबरन कब्जा कर रहे है। सूत्रों का कहना है कि मंडी में जो पैसा आता है उसकी रसीद नही दी जाती है कर्मचारी आढ़तियों से आने वाले पैसे को अपने जेब भरने में लगे है जो रसीद लेने की बात करता है उसे इन्ही दबंग लोगो से परेशान करा देते है अब सबसे बड़ा सवाल तो यही खड़ा होता है कि जो सरकार के खाते में जमा कर रसीद लेना चाहता है उसको मंडी से भगय जाता है जो रसीद नही लेना चाहता उसका सहयोग किया जाता है नवीन मंडी स्थल जसरा जमुनापार की बहुत महत्वपूर्ण फल सब्जी की मंडी है यहां से पड़ोसी जनपद के सभी बाजारों के तथा गांव के लोग सब्जी फल खरीदने आते है जिससे सरकार को अच्छा खासा राजस्व भी मिलता है किंतु अधिकारियो तथा कर्मचारियो की धन कमॉनीति के चलते सरकार का जो राजस्व आता है उसकी आपस मे सब बन्दरबट कर लेते है थोड़ा बहुत सरकार के खाते में थोड़ी बहुत रकम रसीद काट कर जमा कर दी जाती है अगर इसकी गहनता से अधिकारी जांच कर ले तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाय । मंडी में घोर अनियमितता के चलते आढ़तिया तथा किसान परेशान हो रहे है कोई सुनने वाला नही है इस संबंध मे जब मंडी सचिव से बात किया गया तो उनका कहना था ऐसा कुछ नहीं है कोई ऐसी हरकत करता है तो मै उसके साथ कार्वाही करूँगा रसीद के बारे मे पुछा गया तो उन्होंने बताया जो सब्जी फल मुडे़रा से आता है उसी मे कट जाती है यहाँ पर जोअढ़सीया किसान फल सब्जी लाते और बेचते है उसकी रसीद कटती हैं खेल यही शुरू होता है बगैर नाईनार के गाड़ीयां निकलतीं है वसुली होती है और आपस मे जम कर बंदरबांट होता है अब जो भी हो यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा किन्तु मंडी मे जबरदस्त धाधली चल रही है

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