छत्तीसगढ़

गरीब आदिवासी परिवारों का सहारा बन रहा परहित सेवा संस्थान

कलयुग की कलम

गरीब आदिवासी परिवारों का सहारा बन रहा परहित सेवा संस्थान

आदिवासी बेटियों की शादी में मदद कर रही टीम अनुज हनुमत

अब तक तीन बेटियों की शादी में पहुंच चुकी मदद

परहित सेवा संस्थान संस्थान द्वारा जरूरतमंद परिवारो तक राशन सामग्री पहुंचाने का कार्य बदस्तूर जारी

टीम अब तक 5000 से अधिक जरूरतमंद परिवारो तक पहुचाई है राशन सामग्री और अन्य जरूरी मदद

 कोरोनासंकटकाल के दूसरे चरण में टीम ने आदिवासी इलाकों में राशन सामग्री बांटी और अब गरीब आदिवासी बेटियों के हाथ पीले करने में मदद में जुटी है टीम । जी हां हम बात कर रहे हैं चित्रकूट के आदिवासी इलाके पाठा में सेवाकार्य कर रही पं. राजधर परहित सेवा संस्थान की टीम की ,जिसके द्वारा लगातार इस संकटकाल में गरीबो की मदद की जा रही है । एक तरफ कोरोनाकाल के कारण गरीबो का काम बंद हुआ अब महंगाई चरम पर आ गई जिसके चलते गरीबो की जिंदगी एकदम बेहाल है। ऐसे में रोजाना के खर्चे निकल नही पा रहे और कइयों घरों में लड़कियों की शादी की तारीख भी नजदीक आ गई । ऐसे में सबसे बड़ी समस्या ये है कि ऐसे परिवार मुश्किल के वक्त क्या करें ? बेटियों की शादी कैसे हो? घर का खर्चा कैसे चले ? इन सभी प्रश्नों का जवाब बनकर सामने आई है परहित सेवा संस्थान की टीम ,जिन्होंने ये तय किया है कि पाठा इलाके में कोई भी जरूरतमंद परेशान न हो ,उसकी हर सम्भव मदद की जाये । टीम जरूरतमन्दों को राशन सामग्री अनवरत पहुंचा रही है । साथ ही टीम ने यह भी निश्चय किया है की किसी भी आदिवासी परिवार में अगर लड़कीं की शादी है सिर्फ पैसे की वजह से रुक रही है तो उनकी टीम रुकने नही देगी । इसी क्रम में टीम अब तक आधा दर्जन आदिवासी परिवारो की मदद कर चुकी है । परहित सेवा संस्थान के प्रबन्धक अनुज हनुमत ने बताया कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि इस कठिन समय मे हम गरीबों की मदद कर पा रहे हैं।विगत दिनों हमे सूचना मिली कि चुरेह कशेरुआ ग्राम पंचायत के सेमरिया पुरवा (गुरौला) में एक आदिवासी परिवार है जो अत्यंत गरीब है और बेटी की शादी कर पाने में असमर्थ है। जिनकी बेटी की शादी है उसके माँ बाप इस दुनिया मे नही है और नानी के पास ही बेटी की पूरी जिम्मेदारी है। प्रबन्धक अनुज हनुमत ने बताया कि सेमरिया (गुरौला) निवासी कु. पूजा पुत्री स्व. नन्हू/ स्व राजमनी की शादी मंगलवार को सम्पन्न हुई । इस शादी में परहित सेवा संस्थान की टीम ने परिवार की यथा सम्भव मदद की और लड़कीं को भी आवश्यक शादी का पूरा सामान उपलब्ध कराया ।परिवार ये सहायता पाकर अत्यंत खुश और उसका कहना है कि परहित सेवा संस्थान की पूरी टीम हमारे लिए भगवान से कम नही , ईश्वर इन्हें शक्ति दे जिससे ये टीम हम जैसे गरीबो की मदद करते रहें । वहीं इससे पहले टीम ने रानीपुर कल्यानगढ़ के क्रांतिनगर निवासी लालजी और गुड़िया की पुत्री कु. सोनमती के विवाह में यथासम्भव आवश्यक मदद की थी । उक्त विवाह विगत 04 जून को सम्पन्न हुआ । रानीपुर कल्यानगढ़ के ही एक अन्य आदिवासी परिवार की भी मदद संस्थान ने किया है ।

परहित सेवा संस्थान की टीम अब तक 5000 से अधिक परिवारो तक पहुंचा चुकी है राशन सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता । संस्थान के प्रबन्धक अनुज हनुमत ने बताया कि हमारा एनजीओ लगातार गरीब जरूरतमन्दों की मदद कर रहा है और साथ ही वैक्सीनेशन हेतु जागरूकता के लिए भी ग्रामीण इलाकों में तेजी से कार्य कर रहा है । हम चाहते हैं कि गरीबो और जरुरतमन्दों तक इस संकटकाल में जितनी भी यथासम्भव मदद हम पहुंचा सकते हैं जरूर पहुचाएं । पत्रकार हेमनारायण, शिक्षक रवि शंकर पांडेय, सचिन वन्दन ,आदिवासी प्रमुख रानी सहित परहित सेवा संस्थान की पूरी टीम लगातात सेवाकार्यो में संघर्षरत है ।

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