उत्तरप्रदेश

आंगनबाड़ी कार्यकत्री के अवैध नियुक्ति व सीडीपीओ के भ्रष्टाचार का मामला पहुंच मुख्यमंत्री के दरबार रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज

कलयुग की कलम

बस्ती के विक्रमजोत ब्लॉक का मामला।

विक्रमजोत, बस्ती। केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को धता बताते हुए बाल विकास परियोजना विक्रमजोत ब्लॉक में अवैध नियुक्ति व भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम जारी है जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंच गई है।

जानकारी के अनुसार बस्ती जनपद के विक्रमजोत ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र रामनगर के आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुमनलता पाण्डेय के नियुक्ति को अवैध बताकर पूरे नियुक्ति प्रक्रिया व सीडीपीओ लक्ष्मी पाण्डेय व उनके मातहत एक सुपरवाइजर की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंच गई है।

बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने सभी सक्षम अधिकारियों व मुख्यमंत्री को भेजे अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि इस ब्लॉक में नियुक्ति से लेकर पुष्टाहार वितरण तक में धांधली है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण सुमनलता पाण्डेय की अवैध नियुक्ति व 06 महीने से पुष्टाहार राशन का वितरण न होना है। उन्होंने प्रश्न किया कि 06 महीने में केवल एक बार भोजन करके कोई स्वस्थ कैसे रह सकता है। उधर सुमनलता पाण्डेय के बारे में आरोप है कि वह नियुक्ति के समय पात्र ही नही थी तथा उसकी दूसरी शादी गोंडा जनपद में हुई है जबकि वह तीसरे जनपद अयोध्या में निवास करके अपने दो बच्चों को पढा रही है वहीं उसके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 494 का मुकदमा जिला न्यायालय फैजाबाद में विचाराधीन है जिसमे वह जमानत पर है तो दूसरी तरफ उसके पहले पति के साथ जिला न्यायालय बस्ती में मुकदमा चल रहा है। मजे की बात यह है कि सुपरवाइजर, सीडीपीओ सहित पूरा विभाग इन जरूरी बातों से अनभिज्ञ बनने का नाटक कर रहा है।

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