मध्यप्रदेश

“पूर्व मुख्यमंत्री एंव पीसीसी चीफ़ कमलनाथ के निर्देश पर “रैन वाटर हार्वेस्टिंग” के लिए जागरूकता अभियान “जल हैं तो कल हैं”की शुरूवात “

कलयुग की कलम इन्दौर

“पूर्व मुख्यमंत्री एंव पीसीसी चीफ़ कमलनाथ के निर्देश पर “रैन वाटर हार्वेस्टिंग” के लिए जागरूकता अभियान “जल हैं तो कल हैं”की शुरूवात “

“शिवराज सरकार से मॉंग हैं की रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने वाले मकानों को सम्पत्तिकर में पन्द्रह प्रतिशत की छुट देने का प्रावधान किया जाये”

“भाजपा सरकार ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग अभियान को दरकिनार किया”

म.प्र. बन जाएगा मरुस्थल “

इन्दौर,”जल हैं तो कल हैं “ म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के निर्देश पर एक जून से पन्द्रह जून तक म.प्र. में रेन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु जागरूकता अभियान चलाया जायेगा।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने बताया की कॉंग्रेस की कमलनाथ सरकार ने इस अभियान की नींव रखी थी।म.प्र. को भविष्य का मरुस्थल बनने से बचाने के लिए म.प्र. के शहरों एंव ग्रामीण इलाक़ों में जल भराव की जगह वर्षा का पानी सहेजने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाये गये।अनेक बगीचों एंव खेतों में भी सिस्टम बनाये गये जिसकी वजह से पानी का जल स्तर बढ़ा।एक जून से पन्द्रह जून तक कॉंग्रेस रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए “जल हैं तो कल हैं” अभियान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मार्गदर्शन में संचालित किया जाएगा।जिसके अन्तर्गत कोविड नियमों का पालन करते हुए अभियान सोशल मीडिया एंव अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफ़ार्म तथा प्रिंट मीडिया के माध्यम से प्रचारित करके जनता में जागृति लायीं जाएगी ।

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मॉंग की गई हैं की सरकार भी तत्काल रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजना का अभियान 15 जून तक के लिए घोषित करें एंव रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर संपत्तिकर में पन्द्रह प्रतिशत की छूट सरकार तत्काल घोषित करें।

शिवराज सरकार लापरवाही की वजह से महत्वपूर्ण अभियान को भूल गई हैं।न शिवराज ने रेन वाटर के लिए हेल्प लाइन नम्बर जारी करे हैं न ही समस्त सरकारी एंव ग़ैर सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने या जाँचने की कार्यवाही शुरू की हैं।शिवराज सरकार कोविड लॉक-अनलॉक की नौटंकी में ही व्यस्त हैं।ऐसे में सरकार अपना दायित्व निभाने में असफल हैं।

“जल हैं तो कल है” ये संदेश भाजपा की सरकार में ग़ायब हो गया हैं जिसका ख़ामियाज़ा म.प्र. की जनता को भुगतना पढ़ रहा हैं।पूर्व के 15 साल में भाजपा शासनकाल में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य ही बंद कर दिया गया था।जबकि म.प्र.पीने के पानी की क़िल्लत से लगातार तकलीफ उठा रहा हैं इसके बाद भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कभी इस ओर ध्यान नही दिया।आज हालात यह हो गये हैं की हर जगह शहरों और गॉंवो में बोरवेलों में पानी ग़ायब हो जाता हैं।जलस्तर बढ़ाने का एक भी कार्य या एक भी योजना नही बनाई गयी थी।आज भी हालात बद से बदतर हैं।कमलनाथ सरकार द्वारा शुरू करें वर्षा जल संरक्षण अभियान का बेडागर्क कर दिया हैं भाजपा सरकार ने।

वर्तमान और भविष्य सुरक्षित रखने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के द्वारा ही जल स्तर को बढ़ाया जा सकता हैं।जिससे पीने के पानी की समस्या का स्थायी हल मिल सकेगा।

प्रदेशसचिव यादव ने मुख्यमंत्री से मॉंग की हैं की 1जून से 15 जून तक “रेन वाटर हार्वेस्टिंग “योजना बनाकर शुरू की जाए जिससे की आम आदमी को पानी की उपलब्धता का संकट न हो एंव रेन वाटर का संग्रहण समुचित रूप मे हो।जिसके अन्तर्गत सीधे ज़मीन के अन्दर,खाई बनाकर,कुओं में पानी उतार कर,बोरवेल में पानी उतार कर,टैंक में जमा करके जल स्तर बढ़ा सकते हैं।वर्षाकाल का 47 प्रतिशत जल व्यर्थ चला जाता हैं जो की पानी की समस्या हल करने वाला बड़ा हिस्सा हैं।म.प्र. का भविष्य स्वर्णिम हो इसके लिए रेन वाटर का मैनेजमेंट ही सबसे महत्वपूर्ण हैं।म.प्र. की तरक़्क़ी का आधार ही पानी की सहज उपलब्धता रहेगी।भाजपा ने शौचालय तो बना दिए लेकिन जलस्तर बढ़ाने के लिए एक भी ठोस कार्य नही किए हैं।अब शौचालयों को जल कहॉं से उपलब्ध होगा ये किसी को पता नही हैं।ये म.प्र.का दुर्भाग्य रहा की भाजपा सरकार ने एक भी कार्ययोजना रेन वाटर संग्रहण को लेकर नही बनायी।वहीं कॉंग्रेस सरकार ने आम लोगों के हितो के लिए पानी की समस्या को योजनाबद्ध तरीक़े से हल करने के लिए लगातार कार्य

शुरू करा था जिसे भाजपा सरकार ने दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से बंद कर दिया हैं।

 

राकेश सिंह यादव

प्रदेशसचिव

म.प्र. कॉंग्रेस कमेटी

भोपाल

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