छत्तीसगढ़

प्राचार्य ने जिले का सर्वश्रेष्ठ अनुशासित शिक्षक निरूपित किया 33 वर्षों की लंबी सेवा के पश्चात कनक कांति डे हुए सेवानिवृत्त।

कलयुग की कलम

प्राचार्य ने जिले का सर्वश्रेष्ठ अनुशासित शिक्षक निरूपित किया 33 वर्षों की लंबी सेवा के पश्चात कनक कांति डे हुए सेवानिवृत्त।

कलयुग की कलम

 मनेंद्रगढ़। शिक्षा जगत में 33 वर्षों की लंबी एवं उत्कृष्ट सेवा के उपरांत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा विभाग के वरिष्ठ व्याख्याता के के डे सेवानिवृत्त हुए ।इस अवसर पर उनका शाल, श्रीफल के साथ संस्था के प्राचार्य डॉ एस के शुक्ला, विद्यालय के परीक्षा प्रभारी टी विजय गोपाल राव, ओपन स्कूल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विद्यालय केंद्र प्रभारी मनोहर लाल खियानी नारायण प्रसाद तिवारी ,सतीश उपाध्याय, राजीव कुमार सोनी, व्यवसायिक पाठ्यक्रम के शिक्षक कुलदीप नामदेव, कार्यालय लिपिक श्री निगम, सुमित्रा देवी ,निहारिका सिंह सुनील कुमार आदि उपस्थित थे। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा विभाग के सभागार में आयोजित सेवानिवृत्ति के कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए टी विजय गोपाल राव ने वरिष्ठ व्याख्याता कनक कांतिडे के अध्यापन शैली कार्य के प्रति लगन ,समय की पाबंदी एवं उत्तम व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि’-जिले में ऐसे विरले ही शिक्षक होते हैं जो अपने मधुर व्यवहार से लोगों का दिल जीत लेते हैं। संस्था के प्राचार्य डॉ शुक्ला ने कहा कि- प्रशासन के निर्देशों के तहत शिक्षक को अपनी अवधि पूर्ण करने के पश्चात सेवानिवृत्त होना ही पड़ता है परंतु कुछ शिक्षक स्कूल के अन्य शिक्षकों के लिए आदर्श बन जाते हैं एवं उनसे प्रेरणा लेते हैं लगभग यही व्यक्तित्व सेवानिवृत्त शिक्षक कनक कांति डे का रहा है। उन्होंने कहा कि -मेरे प्राचार्य काल तक वे सहज रूप से आकर अपने विषय एवं विद्यालय के शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं ।नारायण प्रसाद तिवारी ने व्याख्याता डिअर सर को ऊर्जावान शिक्षक बतलाते हुए कहा कि- सेवानिवृत्ति के पश्चात डे सर उन्नति के और शिखर पर आगे बढ़े अपने आप को व्यस्त रखें एवं समाज मे अपनी उपयोगिता सिद्ध करने के लिए निरंतर क्रियाशील रहे। मनोहर लाल खियानी जो डे सर के काफी निकट एवं आत्मीयरहे उन्होंने कहा कि- 33 वर्षों की सेवा काल में कनक कांति डे ने जहां भी अध्यापन किया वहां के बच्चे आज भी उनके परिश्रम एवं अध्यापन के विशिष्ट पद्धति के कारण उन्होंने उनको याद करते हैं ।कार्यक्रम का संचालन कर रहे सतीश उपाध्याय ने कनक कांति को इस अवसर पर पतंजलि योग समिति में आने का आमंत्रण दिया एवं उनके दीर्घायु जीवन की सुखद कामना की। कार्यक्रम में कुलदीप नामदेव राजू सोनी एवं विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कार्यालय स्टॉप उपस्थित थे।

कोरिया से राजेश सिन्हा की खास रिपोर्ट

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