उत्तरप्रदेश

भ्रष्टाचार रूपी वायरस के वैक्सीन की आवश्यकता रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज

कलयुग की कलम

सभी विभागों में नासूर बन चुका भ्रष्टाचार।

प्रयागराज हमेशा की तरह आज भी विधायिका, कार्यपालिका व न्यायपालिका देश को भ्रष्टाचारमुक्त बनाने को कागजों पर प्रतिवद्ध है परन्तु हकीकत में भ्रष्टाचार पहले से अधिक बड़ी समस्या व विभिन्न विभागों में नासूर बन चुका है जिसका खात्मा होना एक बड़ी चुनौती है।

उपरोक्त बातें मीडिया के सामने रखते हुए पीडब्ल्यूएस प्रमुख आर के पाण्डेय एडवोकेट ने कहा कि आजाद हिंदुस्तान में आज सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यही है कि क्या इस देश के किसी भी क्षेत्र व किसी भी विभाग को पूर्णतया पारदर्शी व भ्रष्टाचारमुक्त कहा जा सकता है? इसका उत्तर निश्चित ही नही है। आज अधिकांश नागरिकों को कोर्ट में केस की डेट लेने, जानकारी हासिल करने, सरकारी विभागों में काम कराने व किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ लेने के लिए प्रायः गलत सुविधा शुल्क देना ही पड़ता है। हालात तो इतने शर्मनाक हैं कि कोरोना रूपी भयावह वैश्विक महामारी में भी भ्रष्टाचारी निर्धन बेसहारों के भोजन तक को डकार जा रहे हैं परंतु हमारी सरकार, सरकारी विभाग व न्यायदाता तक अपने ही सिस्टम के आगे लाचार नजर आते हैं।

वास्तव में भ्रष्टाचार वह नासूर वायरस है जिसके पूरी तरह खात्मे के लिए सरकार को बेहद सख्त फैसले रूपी वैक्सीन बनाकर स्वयं के साथ सभी कर्मचारियों, अधिकारियों व नागरिकों को लगा देना चाहिए।

बता दें कि विगत अनेकों वर्षों से पीडब्ल्यूएस परिवार भ्रष्टाचारमुक्त भारत की मुहिम चला रहा है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह संगठन मानता है कि आज भारत के कार्यपालिका, विधायिका व न्यायपालिका में आमूलचूल परिवर्तन के साथ ही भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है। इस बावत संगठन के संस्थापक आर के पाण्डेय का कहना है कि यदि प्रत्येक नागरिक मात्र स्वयं को ही भ्रष्टाचारमुक्त बना लेने की प्रतिज्ञा कर ले तो भी देश भ्रष्टाचारमुक्त हो जाएगा।

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