मध्यप्रदेश

“म.प्र. में अनलॉक के पूर्व मुख्यमंत्री “श्वेत पत्र” जारी करे”

कलयुग की कलम

“म.प्र. में अनलॉक के पूर्व मुख्यमंत्री “श्वेत पत्र” जारी करे”

“म.प्र. में लॉकडाउन समाप्त करके अनलॉक करने का ग्राउण्ड रोड मेप क्या हैं मुख्यमंत्री जनता के सामने रखें”

“कोरोना संक्रमण रोकने एंव कोरोना संक्रमितों के ईलाज की सुविधाओं के संदर्भ में मुख्यमंत्री श्वेत पत्र जारी करें”

“आपदा प्रबंधन कमेटी भंग करके विशेषज्ञों को शामिल करके प्रत्येक संभाग की आपदा प्रबंधन कमेटी संभागायुक्त के अन्तर्गत बनाये”

इन्दौर,कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मुख्यमंत्री यह श्वेत पत्र के माध्यम से स्पष्ट करें की दीर्घकालीन योजना का रोड मेप कैसा होगा ।इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को विस्तृत रूप में देना चाहिए ।जिससे अनलॉक के बाद फिर से कुछ दिनों के बाद लॉकडाउन की स्थिति निर्मित न हो जाये।
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दस सवालों के जवाब मॉंगे हैं जिससे अनलॉक करने के पूर्व दीर्घकालीन कोरोना संक्रमण रोकने के लिए क्या योजना रहेगी इस बात की विस्तृत जानकारी जनता को सवालों के जवाब के रूप में प्रदान की जाये जिसमें यह स्पष्ट रहे की प्रशासन कोविड प्रोटोकॉल का पालन कैसे करायेगा एंव जनता का प्रशासन के साथ कोविड प्रोटोकॉल को लेकर तालमेल कैसे बनेगा।अनलॉक करने के पूर्व मुख्यमंत्री को निम्न जानकारी प्रदेश की जनता को श्वेत पत्र के माध्यम से देना चाहिए।
1- म.प्र. में वर्तमान में ऑक्सीजन सप्लाई की क्या स्थित हैं।अचानक कोरोना मरीज़ बढ़ने पर ऑक्सीजन का इंतज़ाम कैसे होगा.?
पूर्व की तरह अफ़रातफ़री एंव ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी तो नही होगी।
2- म.प्र. में ऑक्सीजन बेड की कुल संख्या कितनी हैं एंव वर्तमान में कुल कितने हॉस्पिटल बेड उपलब्ध हैं ?
प्रत्येक शहर की विस्तृत जानकारी चार्ट बनाकर प्रदान की जाये।
3- हॉस्पिटलों मेंआईसीयू बेड वर्तमान में कितने उपलब्ध हैं।अगर एकाएक कोविड मरीज़ बढ़ते हैं तो क्या आईसीयू बेड की कमी तो नही होगी ? वेन्टिलेटर एंव बाईपेक की कितनी संख्या शासकीय एंव प्रायवेट अस्पतालों में उपलब्ध हैं यह जानकारी प्रत्येक शहर ।ज़िले की स्पष्ट की जाये।
4- बच्चों के लिए कितने आईसीयू बेड,ऑक्सीजन बेड एंव छोटे बच्चों के लिए कितने कोविड सेन्टर तैयार हैं।बच्चों के इलाज के लिए छोटे वेन्टिलेटर एंव बाईपेक शासकीय एंव प्रायवेट हॉस्पिटलों कितनी संख्या में उपलब्ध हैं।इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान की जाये।
इसमें हॉस्पिटलों की सूची एंव फ़ोन नम्बर भी जारी करें जाये।
5- कोविड दवाइयों की कितनी उपलब्धता हैं।रेमडेसिविर से लेकर फंगल इंफ़ेक्शन की दवाओं का कितना स्टॉक उपलब्ध हैं।यह प्रत्येक शहर में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।जिससे पुन: दवाइयों की कालाबाज़ारी न हो।समस्त दवाइयों की उपलब्ध की जानकारी अनलॉक के पूर्व विज्ञापन के माध्यम से जनता को दी जाये।
6-अनलॉक करने के बाद अगर कोविड मरीज़ तेज़ी से बढ़े तब अफ़रातफ़री का माहौल न बने इसके लिए क्या रोड मेप या कार्य योजना हैं।श्वेत पत्र के माध्यम से स्पष्ट करें मुख्यमंत्री।
7- कोरोना संक्रमण रोकने की कारगर योजना बनाने में अब तक सरकार असफल रही हैं।सिर्फ लॉकडाउन के भरोसे कोरोना संक्रमण समाप्त नही होगा।वर्तमान में एक जून से क्या रोडमेप रहेगा जनता के समक्ष स्पष्ट होना चाहिए नही तो हालत बिना योजना के बिगड़े तब क्या नैतिकता एंव असफल कार्य योजना के कारण कोरोना संक्रमण बढ़ता हैं तो मुख्यमंत्री ज़िम्मेदारी लोगों।पूर्व की तरह श्मशानों में लाईन न लगे एंव लाशों के ढेर न लगे इसके लिए क्या करेंगे जनता को श्वेत पत्र के द्वारा स्पष्ट करें.?
8-एक जून को अनलॉक करते ही समस्त सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन,बस स्टेंड,सब्ज़ी मंडी,भीड़ भरे बाजरों मे क्रिडा कोविड जॉंच के इंतज़ाम कैसे होगें.?
9- प्रदेश के समस्त होटलों,क्लबों,रेस्टोरेंट,मॉल,सिनेमाघरों,शासकीय विभाग एंव कार्यालयों,प्रायवेट ऑफिसों सहित समस्त फ़ैक्ट्री,गोडाउन,कंस्ट्रक्शन,वाले समस्त स्थानों पर प्रवेश के पूर्व कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना सुनिश्चित कैसे करेंगे.?
10-बिना वैक्सीन का डोज़ लगाये सभी सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश निषेध किया जाये।समस्त मॉल ,होटल,रेस्टोरेंट,क्लब ,शासकीय कार्यालयों एंव प्रायवेट कार्यालयों में आने की अनुमति न दी जाये।वैक्सीन का एक डोज़ लगना आवश्यक किया जाये।प्रायवेट ऑफिसों के कर्मचारी वर्क फ़्रांस होम करें जब तक वैक्सीन का एक डोज़ नही लग जाता हैं।तब तक वर्क फ़्रान्स होम कराया जाये।इसका पालन सरकार कैसे करायेगी कार्ययोजना बतायें.?
उपरोक्त दस सवालों का संतुष्टि पूर्वक जवाब देने के बाद ही अनलॉक में योजनाबद्ध तरीक़े से जाये।
वर्तमान आपदा प्रबंधन कमेटी को भंग करके पढ़े लिखे विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल किया जाये ।इस कमेटी में डाक्टर,वकील,पत्रकारों एंव सामाजिक संगठनों से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तियों को शामिल किया जाये।राजनैतिक व्यक्तियों को आपदा प्रबंधन कमेटी से बाहर का रास्ता दिखाया जाये अन्यथा आपदा प्रबंधन संभव नहीं होगा।
राकेश सिंह यादव प्रदेशसचिव म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी भोपाल

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