उत्तरप्रदेश

हिंदुस्तानी समाज का सबसे बड़ा अभिशाप है जातिगत आरक्षण –आर के पाण्डेय एडवोकेट। रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज

कलयुग की कलम

समानता, स्वतंत्रतता व समरसता हेतु आरक्षण का खात्मा जरूरी।

प्रयागराज वरिष्ठ समाजसेवी व हाई कोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने जातिवादी आरक्षण को आजाद हिंदुस्तान का सबसे बड़ा अभिशाप बताया है।

जानकारी के अनुसार आज मीडिया से वार्ता में आर के पाण्डेय एडवोकेट ने कहा कि आजादी मिलने के समय मात्र 10 वर्षों तक सुविधा के रूप में आवश्यक मात्र दलितों व पिछड़ों को आरक्षण को वोट के सौदागरों ने सर्वकालिक जातिवादी बनाकर हिंदुस्तान के साथ सबसे बड़ा धोखा किया है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष में मात्र जातिवादी आरक्षण ही एक ऐसा विषय है जिस पर बिना किसी जनमत के व बिना चर्चा के प्रति 10 वर्ष पर सीधे संसद से इसे अगले 10 साल के लिए बढा दिया जाता है। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा कुप्रभाव यह है कि स्वयं भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त समानता व स्वतन्त्रता के मौलिक अधिकार का खुला उल्लंघन हो रहा है तो दूसरी तरफ देश में समरसता खत्म होकर वर्गभेद व जातीय वैमनस्यता बढ़ रही है जोकि आगे चलकर देश में आत्मघाती प्रतिशोधात्मक शत्रुता का रूप धारण कर सकती है। इसलिए योग्यता का हनन करने वाले, असमाजिक, अव्यवहारिक, आत्मघाती, जातिवादी आरक्षण को तत्काल समाप्त करके प्रत्येक योग्य व जरूरतमंद हिंदुस्तानी नागरिकों को जरूरी सुविधाएं व रोजगार सरकार द्वारा मुहैया कराई जाएं।

Related Articles

error: Content is protected !!
Close