मध्यप्रदेश

“कोरोना से अभी तक मरे नहीं लेकिन कालाबाज़ारी से ज़रूर मर जाएँगे “

कलयुग की कलम

“कोरोना से अभी तक मरे नहीं लेकिन कालाबाज़ारी से ज़रूर मर जाएँगे “

“कोरोना से मरने पर एक लाख में से एडवांस भुगतान करे कालाबाज़ारी से सब्ज़ी फल किराना ख़रीदने के लिए बाद में कोरोना से मरने पर पैसा काट कर भुगतान करें”

इन्दौर में मुख्यमंत्री द्वारा रेमडेसिविर मंत्री को खुश करके जनता पर वज्रपात करने के बाद योग की बाँसुरी बजा कर इन्दौर की जनता को कालाबाज़ारी से कितना लूटेंगे शिवराज और महाराज।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने बताया की मेरे भाजपा मित्र और क्राइसेस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य ने मानवता के नाते मुझे सब्ज़ी पहुँचाई जिसका बिल इस प्रकार था।कालाबाज़ारी रेट एंव सामान्य दिनों के रेट इस प्रकार हैं:-

कालाबाज़ारी रेट गोबी का एक फूल-30/- नग।

सामान्य दिनों में-12/- नग में मिलता हैं।

कालाबाज़ारी रेट मिर्ची-50/- की आधा किलो।

सामान्य दिनों में-20/-में आधा किलो।

कालाबाज़ारी रेट गिल्की-30/- की आधा किलो।

सामान्य दिनों में-25 /- प्रति किलो।

कालाबाज़ारी रेट पालक-20/- की आधा किलो।

सामान्य दिनों में-30/- प्रति किलो।

कालाबाज़ारी रेट भिंडी-25/- की आधा किलो।

सामान्य दिनों में-30/- प्रति किलो।

कालाबाज़ारी रेट बैंगन-30/- की आधा किलो।

सामान्य दिनों में 40/- प्रति किलो।

कालाबाज़ारी रेट टमाटर 60/- का आधा किलो।

सामान्य दिनों में-40/- प्रति किलो।

कालाबाज़ारी रेट धनिया 20/- का मिला 100 ग्राम।

सामान्य दिनों में 5/- का मिलता हैं।

सवाल यह हैं शिवराज जी अगर यही कालाबाज़ारी करना थी तो लॉकडाउन की ज़रूरत कहॉं थी सीधे मंडी से कलेक्शन करा लेते तब भी कालाबाज़ारी का मक़सद पूर्ण हो जाता।वर्तमान में विषय यह हैं की कोरोना से मरने पर एक लाख रूपये सरकार दे रही हैं लेकिन कोरोना से बचने के लिए फल सब्ज़ी किराना सरकार बंद करके मारने के लिए कोरोना के साथ मिलकर साज़िश कर रही हैं।दुर्भाग्य से में ज़िंदा हूँ मुझे सरकार एक लाख तो दे नहीं सकती लेकिन कालाबाज़ारी से सब्ज़ी फल ख़रीदने के लिए मुझे एंव अनेक इन्दौर वासियों को आर्थिक सहायता प्रदान करें या मुख्यमंत्री जी आप आपकी एक माह की तनख़्वाह मुझे प्रदान करें जिससे भाजपा के कालाबाज़ारीयों के माध्यम से फल सब्ज़ी किराना ख़रीदकर कोरोना वायरस और शिवराज सरकार की कालाबाज़ारी का सामना करने की स्थिति में रहूँ या फिर एक उपाय यह भी हैं की कोरोना से मरने पर एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता दे रहे हैं,यह आर्थिक सहायता में से 31 मई तक कालाबाज़ारी से फल सब्ज़ी किराना ख़रीदने का पैसा प्रदान कर दे एंव जब कोरोना से मृत्यु होगी तब सब्ज़ी किराना फल ख़रीदने के लिए दी गई सहायता राशि का भुगतान कम करके शेष रहा एक लाख रूपयों में शेष रहा भुगतान परिवार को दे देना।इसके लिए शिवराज सरकार शपथपत्र लेकर तत्काल भुगतान करें।यह योजना तत्काल लागू करें।

उम्मीद हैं आप निराश नहीं करेंगे आपकी तनख़्वाह तो वैसे भी आज तक खर्च नहीं हुई होगी मुझ जैसे छोटे व्यक्ति के काम आ जायेगी तो शायद इन्दौर की जनता की बद्दुआएँ भी आपकी कालाबाज़ारी में तरक़्क़ी करायेंगी।

राकेश सिंह यादव

प्रदेशसचिव

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी

भोपाल

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