छत्तीसगढ़

प्रशासन ने रुकवाई नाबालिग की शादी रिपोटर – तेजा सिंह 

कलयुग की कलम

प्रशासन ने रुकवाई नाबालिग की शादी

रिपोटर – तेजा सिंह

कोरिया भरतपुर में नाबालिग की शादी करने की तैयारी चल रही थी. नाबालिक की शादी होने की भनक मिलते ही प्रशासन के टीम ने मौके पर पहुंच कर शादी रुकवा दी है. साथ ही परिवार को हिदायत दी गई है कि कम उम्र में बालिका की शादी ना करें.

कोरिया – जिले के भरतपुर विकासखंड क्षेत्र में गुरुवार को नाबालिग की शादी करने की तैयारी चल रही थी. इसकी भनक जिला प्रशासन को लग गई. सूचना मिलते ही प्रशासन ने एक टीम गठित कर बहरासी गांव भेज कर जांच करने के निर्देश दिए. महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल संरक्षण इकाई, विशेष पुलिस बल और कुछ जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंच कर शादी कार्यक्रम रुकवा दिया.

समझाइश देकर रुकवाई

शादी मौके पर पहुंची जांच टीम ने लड़की के पिता से प्रमाण पत्र लेकर जांच किया. बालिका की अंकसूची पर अंकित जन्म तिथि के अनुसार वधु की उम्र 17 वर्ष 2 माह ही हुआ है. जिसको देखते हुए बालिका के परिवार वालों को समझाइश दी गई. बालिका को विवाह की उम्र पूर्ण हो जाने के बाद ही विवाह करने की जानकारी दी गई. जांच टीम ने बताया कि कम उम्र में शादी करने से कई तरह के हानि होते हैं. इसलिस सभी को गाइडलाइन का पालन करना चाहिए. परिवार वालों ने अपनी सहमति जताई. वैवाहिक कार्यक्रम स्थगित करने का भरोसा दिलाया. साथ ही अधिकारियों ने पंचनामा तैयार कर, बालिका के 18 वर्ष पूर्ण हो जाने के पश्चात ही बालिका का विवाह करवाने की शर्त पर वापस लौटे.बेमेतरा: बाल विवाह रोकने में कामयाबी, परिजनों से भरवाया गया शपथ पत्रपरिजनों को दी

कानून की जानकारी

चाइल्डलाइन की टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम कानून के बारे में बताया. बता दें भारतीय विवाह अधिनियम के मुताबिक लड़के की उम्र 21 साल और लड़की की उम्र 18 साल होना अनिवार्य है. अधिनियम के उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता के मुताबिक दोषियों के खिलाफ बाल विवाह के आरोप में कार्रवाई की जा सकती है.।

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