मध्यप्रदेश

पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर ने निरस्त किया अधीक्षण यंत्री का आदेश

कलयुग की कलम

पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर ने निरस्त किया अधीक्षण यंत्री का आदेश

जिस कार्यालय में रहे एसडीओ अब उसी कार्यालय में उपयंत्री बने निगम

सतना, (ओपी तीसरे)। अंततः लोक निर्माण विभाग के बहुचर्चित उपयंत्री एके निगम को मुख्य अभियंता रीवा ने एक आदेश जारी कर प्रभारी एसडीओ के प्रभार से मुक्त करते हुए पुनः उपयंत्री बना दिया है। अब अश्विनी कुमार निगम उसी नागौद उपसंभाग कार्यालय में उपयंत्री के तौर पर काम करेंगे जिस कार्यालय में वे प्रभारी एसडीओ की हैसियत से अब तक काम करते थे। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर उइके ने पत्र क्रमांक/63/स्था.5-2/पार्ट-5/2021 जारी करते हुए पुष्पेन्द्र सिंह परिहार को प्रभारी एसडीओ का दायित्व सौंपा गया है।

यूं चली कार्यवाही

दरअसल लोक निर्माण विभाग के बहुचर्चित उपयंत्री एके निगम को दिसम्बर माह में निलंबित कर दिया गया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार निलंबन अवधि में एके निगम को सागर अटैच किया गया। हवाई पट्टी का उपयंत्री बने रहने के लिए उन्होने उच्चाधिकारियों के आदेश की नाफरमानी की थी। उनके प्रभार वाले कामों पर गंभीर अनियमतिताओं के आरोप भी लगे थे। जिसके कारण विभाग पांच-पांच विधायकों के निशाने पर आ गया। हालांकि निलंबन के बाद निगम कोर्ट चले गए, जिसमें विभागीय अधिकारियों ने उसे मदद पहुंचाने वाईसी को नियुक्त ही नहीं किया। नतीजतन अर्जेंट हियरिंग में शासन का पक्ष रखने के कारण एके निगम को निलंबन पर स्टे मिल गया। गत दिवस लोनिवि के चीफ इंजीनियर कार्यालय से आए अधीक्षण यंत्री वीके झा ने रहस्यमयी अंदाज में निगम को 25 मार्च को पुनः प्रभारी एसडीओ नागौद का चार्ज दे दिया। जानकारों की मानें तो यह प्रभार नियम विरूद्ध था। क्योंकि अधीक्षण यंत्री को ऐसा कोई प्रभारी देने का अधिकार ही नहीं है। इसके अलावा जब एके निगम का निलंबन उपयंत्री के तौर पर किया गया, तो उसकी तैनाती भी उपयंत्री के तौर पर ही होनी चाहिए थी।

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