उत्तरप्रदेश

ग्रामसभा से मतदान करने की अपील- सरदार पतविंदर सिंह,रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज

कलयुग की कलम

प्रयागराज समाजसेवी सरदार पतविंदर सिंह ने मतदान जरूर करें ग्राम सभा से मतदान करने की अपील का संदेश देने निकले समाजसेवी सरदार पतविंदर सिंह ने चुनाव में मतदान करने की अपील अपने मनोहर ढंग से ग्राम सभा के बीच में जागरूकता उत्पन्न करते हुए भ्रमण करते रहेl बताते चलें जागरूकता उत्पन्न करते हुए भ्रमण करते रहे सिस्टम की खामियों से परेशान युवाओं को लोकतंत्र के उत्सव में सक्रिय करने के लिए सिख युवक ने अपनी जिंदगी के कई कीमती बरस कुर्बान कर दिए मतदान का प्रतिशत बढ़ाने और लोगों को इसका महत्व बताने की अनूठी मुहिम चलाने वाले सरदार पतविंदर सिंह जिन्होंने 13 वर्ष की अल्पायु से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष छेड़ रखा है चुनाव यूपी में हो,पंजाब में हो या दिल्ली में हों मौका मिलते ही वे मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने की अपनी मुहिम से जुड़ जाते हैं इसके लिए अनूठे तरीके अख्तियार करते हैं कभी गधे पर सवार चढ़कर,कभी बॉडी पेंटिंग कराकर,कभी बूट पॉलिश कर,कभी चरण पादुका हाथों पर लेकर बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील करते हैं 1996 से शुरू हुए पतविंदर का अनूठा प्रयास अब भी जारी है उन्हें कभी संगम क्षेत्र में,कभी नामकरण केंद्रों पर और प्रयागराज की ग्रामसभा के विभिन्न तरीके से लोगों से अपील करते हुए देखा जा सकता है नैनी इलाके के रहने वाले सरदार पतविंदर सिंह बताते हैं कि राजनीतिक में

अपराधीकरण दूर तभी होगा जब अच्छे लोग इसमें आएंगे और अच्छे लोग तभी आएंगे जब युवा अपना मताधिकार का प्रयोग जिम्मेदारी से करेगा इसलिए युवाओं को मतदान में अपने अधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए अपने उद्देश्य के तहत पिछले 25 वर्ष से लगातार हर चुनाव में सक्रिय नजर आने वाले पतविंदर सिंह कभी मतदाताओं के बूट पॉलिश कर किए,खून से पत्र लिखकर मार्मिक अपील की, गधे पर बैठ कर लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की इस अभियान के तहत कई युवाओं,वयोवृद्ध,सामाजिक अल्पसंख्यक समाज को जोड़ा समाजसेवी सरदार पतविंदर सिंह ने हर बरस लगने वाले माघ मेला, अर्धकुंभ,कुंभ सहित 2019 प्रयागराज में लगे अर्ध कुंभ मेला क्षेत्र में करोड़ों श्रद्धालुओं को दिन प्रतिदिन अलग-अलग अपने अंगूठे,आकर्षित मुहिम के द्वारा मतदान की अपील करते रहेl सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतना त्याग करने के उपरांत भी किसी सरकार ने इनकी सुध बुध नहीं ली इन्हें इस बात का कोई गम नहीं है बस इन्हें तो एक ही जुनून सवार है मातृभूमि की सेवा इस शरीर से होती रहेl

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