मध्यप्रदेश

“इन्दौर के हॉस्पिटल हो सकते हैं भीषण अग्निकांड के शिकार”

कलयुग की कलम

“इन्दौर के हॉस्पिटल हो सकते हैं भीषण अग्निकांड के शिकार”

“उज्जैन के पाटीदार हॉस्पिटल में आग की घटना से सबक़ की ज़रूरत “

“शिवराज सरकार के ज़िम्मेदार फ़ायर ब्रिगेड एंव बिजली विभाग विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग हॉस्पिटलों को अग्निकांड से बचाने के लिए तत्काल उपाय करें”

कलयुग की कलम

इन्दौर,म.प्र. में कोविड के बढ़ते प्रकोप को कम करने के लिए इन्दौर के समस्त हॉस्पिटल चौबीस घंटे लगातार कोरोना संक्रमितों का जीवन बचाने के लिए कार्य करके अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहे हैं।इन्दौर के समस्त बड़े छोटे हॉस्पिटलों में इस समय बेड उपलब्ध नहीं हैं।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मॉंग की हैं की

सभी हॉस्पिटलों में एसी से लेकर जनरेटर ,बिजली उपकरण,आक्सीजन एंव अन्य सप्लाई चौबीस घंटे जारी हैं।हॉस्पिटलों का समस्त स्टॉफ भी कोविड मरीज़ों की सेवा में लगा हुआ हैं।ऐसे समय में उज्जैन में पाटीदार हॉस्पिटल में अग्निकांड की घटना चेतावनी की घंटी हैं।समय रहते शिवराज सरकार को अपने अधीनस्थ विभाग फ़ायर ब्रिगेड एंव बिजली विभाग की टास्क फ़ोर्स बनाकर चौबीस घंटे समस्त अस्पतालों की उपरोक्त समस्त व्यवस्था की जॉंच करके दुरुस्त भी करना चाहिए ।शिवराज सरकार को इन दोनों विभागों की ज़िम्मेदारी तय करके किसी भी तरह के भीषण अग्निकांड से बचाने की ज़िम्मेदारी इन दोनों विभागों को देना चाहिए।जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में भी रूकावट न आये तथा हॉस्पिटलों के संचालकों का मनोबल भी बढ़े ।फ़ायर ब्रिगेड एंव बिजली विभाग एंव चिकित्सक विभाग को सिर्फ़ एनओसी जाँचकर या चालान बनाकर अपनी ज़िम्मेदारी से भागने वाला विभाग नहीं बनाना चाहिए ।यह दोनों विभाग अग्निकांड की घटना होने के बाद ही घटना स्थल पर पहुँच कर अपने कार्य को अंजाम देते हैं।लेकिन अगर यह तीनों विभाग समय रहते समस्त हॉस्पिटलों में बिजली के लोड एंव अग्निसुरक्षा के उपाय आग लगने के पूर्व ही करेंगे तो हॉस्पिटलों में अग्निकांड की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।

हॉस्पिटलों में अग्निकांड की परिस्थिति में दो द्वार खुलने की स्थिति रहें।जिससे एक द्वार से सहायता कर्मी अंदर जा सके।हॉस्पिटलों के एक या दो स्टाफ़ को अचानक आग से बचाने का प्रशिक्षण तत्काल दिया जाये।जिससे हॉस्पिटल कर्मचारी मरीज़ों का जीवन बचा सके।प्रत्येक हॉस्पिटल में सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए कम से कम यह सुविधा निश्चित करायी जाये की अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा के मानक यह रहे:-

न्यूनतम डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े दो दरवाजे होने चाहिए।

ऊपरी मंजिल पर ओवरहेड टैंक हो, जिसमें हमेशा पानी भरा रहे।

प्रत्येक मंजिल पर होज रील का इंतजाम हो।

जगह-जगह अग्निशमन यंत्र लगे हों।

आपातकालीन संकेतक और फायर अलार्म हो।

बेसमेंट में अस्पताल का संचालन न हो।

अग्निशमन विभाग एंव बिजली विभाग की लोड की एनओसी हो।

अग्निशमन विभाग, पुलिस और आपातकाली नंबरों का डिस्प्ले लगा रहे ।

उपरोक्त प्रावधान की देखरेख फ़ायर ब्रिगेड एंव बिजली विभाग द्वारा पूर्ण कराने के पश्चात लगातार मॉनिटरिंग दोनों विभागों की होना चाहिए ।निश्चित तौर पर अगर शिवराज सरकार तत्काल निर्णय लेकर दोनों विभागों की टास्क फ़ोर्स बनाकर सतत मॉनिटरिंग कराकर ज़िम्मेदारी तय करेगी तो उज्जैन में पाटीदार हॉस्पिटल जैसे अग्निकांड से जनता को राहत मिलेगी ।इस संदर्भ में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जनहित में निवेदन किया हैं की कोविड एंव बढ़ती गर्मी तथा हॉस्पिटलों द्वारा चौबीस घंटे कार्यरत रहने से अग्निकांड की संभावना बढ़ेगी ।अत:तत्काल निर्णय लेकर कार्यवाही करें।

राकेश सिंह यादव

प्रदेशसचिव

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी

भोपाल

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