मध्यप्रदेश

पीडब्लूडी के अफसर हजम कर गए केन्द्र सरकार की राशि

कलयुग की कलम

पीडब्लूडी के अफसर हजम कर गए केन्द्र सरकार की राशि

सरकार और संगठन की छवि पर लग रहा दाग

सतना, (ओपी तीसरे)।लोक निर्माण विभाग के प्रदेश से लेकर स्थानीय स्तर के अधिकारियों ने हवाई पट्टी के निर्माण में केन्द्रीय विमानन मंत्रालय की स्वीकृति के विरूद्ध तथा दिशा-निर्देश की अनदेखी कर यहां जो भी कार्य किया है, उससे राज्य सरकार और प्रदेश संगठन की छवि पर दाग लग रहा है। एक तरफ तो पीडब्लूडी की राज्य स्तरीय जांच कमेटी ने जांच के बाद विभागीय करतूतों की पोल खोल दी है, वहीं इस मामले में सांसद गणेश सिंह के अलावा सत्ता पक्ष के वरिष्ठ विधायक जुगुल किशोर बागरी, प्रदीप पटेल, नारायण त्रिपाठी के अलावा विजयराघवगढ़ के कांग्रेस विधायक विजय राघवेन्द्र सिंह लगातार विधानसभा सवाल लगा रहे हैं। किन्तु विभाग एवं मंत्री की ओर से सदन में प्रस्तुत किया जा रहा जवाब गोलमोल है। जबकि एयरोड्रम के निर्माण में सारे नियम और कानूनों को ताक में रखकर जो भी कार्य हुआ है उसकी वास्तविक जांच रिपोर्ट सामने आ जाने के बाद भी सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है। हालांकि तकनीकी तौर पर जानकार पीडब्लूडी के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ विधायक नागेन्द्र सिंह खुलकर सामने आ गए हैं। उनके द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे गए व्यक्तिगत पत्र में पीडब्लूडी विभाग में चल रही गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए सूबे के मुखिया ने विभाग के ईएनसी सीपी अग्रवाल को हटाते हुए वल्लभ भवन में अटैच कर दिया। किन्तु जमीनी तौर पर हुए भ्रष्टाचार में सभाग एवं जिलास्तर के अफसरों को बचाने का खेल जारी है।

. . . और ऐसे बिगड़ी बात

हवाई पट्टी समेत सतना उपसंभाग के प्रमुख कार्यों के उपयंत्री के अलावा नियम विरूद्ध तरीके से नागौद के प्रभारी एसडीओ रहे अश्वनी कुमार निगम के सस्पेंड होने के बाद पूर्व पीडब्लूडी मंत्री नागेन्द्र सिंह के पत्र पर उमरिया से पुष्पेन्द्र सिंह का तबादला शासन स्तर से नागौद के लिए किया गया था। जबकि पूर्व में एके निगम को गलत तरीके से तत्कालीन सीई जीआर गुजरे ने नागौद का प्रभारी एसडीओ बनाए जाने का आर्डर किया था। निलंबन के बाद चर्चित उपयंत्री ने अपने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील याचिका दायर की। बताया जाता है कि दो माह तक शासन का पक्ष हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए कोई हाजिर नहीं हुआ।तब उच्चतम न्यायालय द्वारा निलंबन आदेश पर स्टे दे दिया गया। पोस्टिंग और स्थानांतरण के खेल में माहिर रहे ईएनसी सीपी अग्रवाल ने स्टे आर्डर का पालन कराने के लिए सतना संभाग में उपयंत्री निगम की पदस्थापना किए जाने संबंधी पत्र लिखे। इधर इनसे आगे बढ़कर अधीक्षण यंत्री वीके झा हैं। जिस कारण सभी मिलकर सीमाओं को लांघते हुए निगम को संरक्षण देने में जुटे हुए हैं।

अंत में पूर्व मंत्री ने लिखी व्यक्तिगत चिट्ठी

सरल-सहज स्वभाव के एवं विधानसभा प्रश्नों से दूर और विवादों से किनारे रहने वाले नागौद विधायक व पूर्व पीडब्लूडी मंत्री नागेन्द्र सिंह ने राज्य सरकार एवं भाजपा संगठन की लगातार हो रही किरकिरी और लोक निर्माण विभाग में व्याप्त प्रमाणित भ्रष्टाचार से बचने के लिए किए जा रहे प्रयासों को रोकने के सिलसिले में सीएम को व्यक्तिगत पत्र लिखा। इस पत्र में विधायक नागेन्द्र सिंह ने कहा जांच, विधानसभा प्रश्न, सांसद गणेश सिंह द्वारा किए गए पत्राचार का जिक्र करते हुए जो कुछ हो रहा है वह सही नहीं है। इस प्रकरण में बेहद गंभीर नागेन्द्र सिंह ने तो अपने पत्र में यहां तक कह डाला कि जिस पत्र के आधार पर नागौद के प्रभारी एसडीओ एवं उपयंत्री एके निगम के विरूद्ध कार्यवाही एवं एसडीओ पद पर नई पदस्थापना हुई थी उसे मौजूद अधिकारियों ने नजरअंदाज कर दिया। माना जा रहा है कि पूर्व मंत्री अब बड़ी कार्यवाही चाहते हैं, जिसका उदाहरण ईएनसी सीपी अग्रवाल की छुट्टी से सामने आ चुका है।

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