UNCATEGORIZED

बच्चों ने भी मांगा नारायण से अपना विन्ध्य प्रदेश

कलयुग की कलम

बच्चों ने भी मांगा नारायण से अपना विन्ध्य प्रदेश

गांव-गांव चल रहा अभियान : युवाओं ने झोंकी ताकत

सतना, (ओपी तीसरे)। ‘हमारा विन्ध्य हमें लौटा दो’ की मुहिम जमीनी स्तर तक पहुंच गई है। एक तरफ जहां सतना सहित रीवा एवं शहडोल संभाग के युवाओं ने पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं प्रदेश बनने के महत्व को समझते हुए बच्चे भी जागरूक हो रहे हैं। गांव-गांव चल रहे जागरूकता अभियान के बीच स्थिति यह बन गई है कि विधायक नारायण त्रिपाठी से बच्चे भी अपना विन्ध्य प्रदेश मंगाने के लिए सड़क में उतरने को तैयार हैं। अपना विधानसभा क्षेत्र छोड़कर सतना, चित्रकूट, रामपुर बाघेलान के अलावा रीवा के विभिन्न ग्रामीण अंचलों का दौरा कर रहेे नारायण त्रिपाठी के इस अभियान ने भाजपा कांग्रेस, सपा एवं बसपा के दिग्गज नेताओं की नींद उड़ा रखी है। हालाकि नारायण की इस मुहिम का किसी के पास कोई तोड़ नहीं है और सभी अंदरुनी तौर पर इसका समर्थन भी कर रहे हैं, मगर सियासी मजबूरियों के कारण कोई खुलने को तैयार नहीं है। आम गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक हमारे ही बीच का अपना राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, प्रमुख सचिव सहित तमाम विभागों के आला अधिकारी का होना सभी चाहते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी विकास घर-घर की जरूरत है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि जब सारे अपने ही लोग रहेंगे तो सभी मिलकर विन्ध्य क्षेत्र का गौरव सम्पन्नता औद्योगिक, पर्यटन, खनिज का उपयोग आपस में मिलकर करेंगे। तभी इस क्षेत्र से गरीबी भी मिटाई जा सकती हैं।
क्या दमोह में नहीं था कोरोना
दमोह विधानसभा सीट के लिए होने जा रहे उप चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कराने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा केन्द्रीय मंत्री, भाजपा के तमाम पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं के साथ आम जनों की भीड़ थी। कोरोना से बचाव के लिए गाइड लाइन को भी नजर अंदाज कर दिया गया। जबकि विन्ध्य प्रदेश को पुनर्गठन की मांग को लेकर शासन प्रशासन ने कोरोना के नाम पर बम जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हुए सतना के बीटीआई ग्राउण्ड में होने वाली जनसभा को स्थगित किए जाने की बात रखी। आयोजकों ने जनहित में बात मान भी ली। मगर अब सवाल इस बात का है कि अपने स्वार्थ के लिए भारी भरकम भीड़ का उपयोग दमोह में किया गया तो क्या वहां कोरोना जैसी बीमारी नहीं थी ? जबकि सरकारी आंकड़े बताते हैं कि सतना में कोरोना का असर इतना गंभीर नहीं है जितना प्रशासन द्वारा दिखावा किया गया था। हालांकि ‘सबका साथ – सबका विकास’ करने वाली भाजपा सरकार ने विन्ध्य प्रदेश के मुद्दे पर जिस तरह सुनियोजित तरीके से आंदोलन को दबाने का प्रयास किया है उससे यह आग अब और भी ज्यादा भड़क गई है जिसे रोक पाना किसी के वश में नहीं है।

Related Articles

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Close