मध्यप्रदेश

जिला अधिवक्ता संघ कटनी की बाग़डोर एड्वोकेट अमित शुक्ला के हाथों

कलयुग की कलम कटनी

जिला अधिवक्ता संघ कटनी की बाग़डोर एड्वोकेट अमित शुक्ला के हाथों

एड्वोकेट मथुरा तिवारी सचिव चुने गए

अधिवक्ता संघ को मिला नई टीम

गांव के हर घर का औसतन एक वक़ील, गुरु दक्षिणा में एकलव्यों के अंगूठे और खोटे सिक्के जो अधिवक्ता संघ के चुनाव में व्यक्ति विशेष को विजयश्री दिलाते चले आ रहे थे उन्होंने नियमित वकीलों की समय है बदलाव का के सुर मिलाते हुए चुनाव परिणामों को नई दिशा की ओर मोड़ दिया है ।

किस्सा है जिला अधिवक्ता संघ कटनी के चुनाव परिणाम का ।

सभी की नज़रें अध्यक्ष पद के लिए डाले गए वोटों की गिनती पर लगी हुई थी । क्या पिछले कई चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज़ करने वाले सन्तोष परौहा इस चुनाव में अध्यक्षीय पद पर जीत दर्ज़ कर पायेंगे ?

भारी कशमकश के बीच सम्पन्न हुए चुनाव में अमित शुक्ला ने अपने निकतम प्रतिद्वंद्वी सन्तोष परौहा को 82 मतों से पराजित कर अध्यक्षीय ताज अपने सिर धारण कर लिया । ख़ासबात यह रही कि 15 चक्रों की गिनती में अमित शुक्ला ने अंतिम चक्र तक बढ़त बनाये रखी । अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय संघर्ष की उम्मीद की जा रही थी लेकिन मतगणना जैसे जैसे आगे बढ़ती गई उसने साबित कर दिया कि मनोज सोनी परिणाम को त्रिकोणीय बनाने में असफल रहे । अमित शुक्ला को 293 मत, सन्तोष परौहा को 211 मत, मनोज सोनी को 126 मत वोट प्राप्त हुए ।

सबसे ज़्यादा गलाकाट संघर्ष उपाध्यक्ष पद पर देखने को मिला । मतपत्रों की गणना के अंतिम राउंड तक रविन्द्र जायसवाल और निर्मल दुबे के बीच पलड़ा ऊपर नीचे होता रहा । आख़िरकार रविन्द्र जायसवाल 16 मतों से विजयी घोषित किए गए । निर्मल दुबे को 162 वोटों से ही संतोष करना पड़ा । जबकि उपाध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार राजेश लखेरा को 150 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे ।

सचिव के महत्वपूर्ण संघर्षमयी पद पर मथुरा तिवारी ने अपने नजदीकी दावेदार अनादि निगम को 37 वोटों से शिकस्त दी । मथुरा तिवारी को 239 तथा अनादि निगम को 202 वोट मिले जबकि पूर्व सचिव रविन्द्र गुप्ता 141 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे ।

इसी तरह कोषाध्यक्ष के त्रिकोणीय संघर्ष में मीत धवल ने मोनू पाण्डेय को 97 मतों से हराकर जीत हासिल की । पूर्व पुस्तकालय प्रभारी रहे दिनेश निगम कोषाध्यक्ष की कुर्सी पाने में असफ़ल रहे । उन्हें 186 मत पाकर तीसरे और अंतिम स्थान पर रहना पड़ा । सहसचिव की कुर्सी पर जीत जायसवाल ने 298 वोट लेकर कब्ज़ा जमाया । वर्षों से पुस्तक विहीन पुस्तकालय प्रभारी की कुर्सी पर सन्दीप नायक ने एक तरफ़ा जीत हासिल की है । सन्दीप नायक को 317 मत मिले जबकि दूसरे स्थान पर रहे विकास कनौजिया को 201 मत मिले ।

7 सदस्यीय कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में अजय जायसवाल (479), अनुज तिवारी (499), दुष्यंत गुप्ता (432), रघुवीर सिंह राजपूत (450), रणजीत चौहान (440) श्रीमती मीना सिंह बघेल (482) तथा श्रीमती अंजुला सरावगी (414) की टीम विजयश्री हासिल करने में सफल रही । वीरेन्द्र मिश्रा (308) दौड़ से बाहर हो गए ।

अधिवक्ता संघ की नई टीम वर्षों से लकवाग्रस्त पड़े संघ में कितना रक्त संचार कर कितनी जल्दी गतिशीलता प्रदान कर पाती है अधिवक्ताओं की नजरें इस पर ही केंद्रित रहेंगी ।

इसके अलावा अधिवक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं, अधिवक्ताओं के सम्मान पर राजस्व अधिकारियों के लगे पहरे, थानों से ही हो रही केसों की सौदेबाज़ी से छुटकारा, जूनियर्स के हकों पर पड़ने वाली डकैती से निज़ात आदि – आदि ज्वलंत मुद्दों को हल करने की चुनौती भी नई टीम के सामने रहेगी ।

फ़िलहाल सभी विजयी प्रत्याशियों को बधाई एवं शुभकामनाएं । विजयश्री पाने से चूक गए प्रत्याशियों पर भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है । उन्हें आगामी चुनाव तक अधिवक्ता संघ की टीम के कार्यों की सतत निगरानी करते रहनी चाहिए ।

 

अश्वनी बड़गैंया, अधिवक्ता

स्वतंत्र पत्रकार

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