UNCATEGORIZED

म.प्र. में शिवराज सरकार के कथित “लव जिहाद क़ानून” की तर्ज़ पर सांसद शंकर लालवानी “ब्लड जिहाद क़ानून “बनाकर प्रेम विवाह रोकने की साज़िश कर रहे”

कलयुग की कलम

“म.प्र. में शिवराज सरकार के कथित “लव जिहाद क़ानून” की तर्ज़ पर सांसद शंकर लालवानी “ब्लड जिहाद क़ानून “बनाकर प्रेम विवाह रोकने की साज़िश कर रहे”

“थैलीसीमिया बीमारी का आधार लेकर देश के नागरिकों की निजता हनन का क़ानून बनाने की साज़िश “

“क्या मात्र 3.4% थैलीसीमिया पीड़ितों के कारण देश की 130 करोड़ जनता की विवाह निजात एंव स्वतंत्रता का हनन किया जाएगा.?

“सांसद लालवानी की नीयत कथित क़ानून की मॉंग को लेकर संदेहास्पद “

“थैलीसीमिया के लिए 2016 में बने अधिनियम का पालन करने एंव राष्ट्रीय नीति बनाने से ही थैलीसीमिया बीमारी लगभग समाप्त या कंट्रोल किया जा सकता हैं”

इन्दौर,सांसद शंकर लालवानी ने लोकसभा में मॉंग की हैं की थैलीसीमिया बीमारी को रोकने के लिए विवाह के पूर्व ब्लड की जॉंच का क़ानून बनाया जाये एंव सख़्ती से देश में लागू किया जाये।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने सांसद लालवानी पर कटाक्ष करते हुए कहा हैं की सांसद की मंशा देश की संस्कृति एंव विरासत को समाप्त करने की दिशा में साज़िश पूर्ण तरीक़े से उठाया गया कदम हैं।इसके पूर्व भी सांसद लालवानी अलग सिंध प्रदेश की मॉंग पुरज़ोर तरीक़े से संसद में कर चूके हैं जिसकी वजह से पीएम मोदी भी असहज हो गये थे।

सांसद लालवानी भारत की परंपराओं एंव प्रेम विवाह के इतिहास एंव वर्तमान पीढ़ी के प्रेम विवाह को ब्लड जिहाद क़ानून बनाकर हमेशा के लिए प्रेम विवाह समाप्त करना चाहते हैं।राधा कृष्ण की परंपरा के देश में हीर रांझा,रोमियो जुलियट एंव शीरी फ़रहाद ,लैला मजनू ,बाज बहादुर-रानी रूपमती ,बाजीराव-मस्तानी”के जैसे अफ़सानों एंव प्रेम कथाओं को समाप्त करने के लिए थैलीसीमिया क़ानून की आड़ में प्रेम विवाह प्रतिबंधित कराना चाहते हैं।निश्चित तौर पर ऐसा क़ानून अगर बनता हैं की विवाह के पूर्व ब्लड सेम्पल मिलाना आवश्यक होगा तब प्रेम करना तो अपराध की श्रेणी में आ जायेगा एंव प्रेम विवाह होना असंभव हो जाएगा ।देश के नागरिकों की निजता एंव स्वतंत्रता समाप्त हो जाएगी।अगर युवा एक दुसरे के प्रेम के बंधन में हैं तथा विवाह करना चाहते हैं और ब्लड सेम्पल का किसी भी वजह से मिलान नही होता हैं या तो सांसद लालवानी द्वारा माँग करके बनाये जाने वाले क़ानून की मॉंग के मुताबिक़ प्रेम विवाह होना असंभव हो जाएगा।जब तक क़ानून के मुताबिक़ एनओसी नहीं मिले ।यह युवाओं के ख़िलाफ़ ब्लड जिहाद हैं।इस क़ानून के माध्यम से देश में प्रेम विवाह समाप्त करने की साज़िश हैं।जबकि भारत में थैलीसीमिया पीड़ितों की संख्या भारत की कुल जनसंख्या का 3.4 % प्रतिशत भाग थैलेसीमिया ग्रस्त है। ऐसी परिस्थिति में क्या भारत में मात्र 3.4% थैलीसीमिया बीमारी से पीड़ितों के बहाने 130 करोड़ की जनसंख्या के ख़िलाफ़ प्रेम विवाह या विवाह की निजता समाप्त करने का प्रयास करने की कोशिश नहीं हैं।इंग्लैंड में केवल 360 बच्चे इस रोग के शिकार हैं, जबकि पाकिस्तान में एक लाख और भारत में करीब 10 लाख बच्चे इस रोग से ग्रसित हैं।इससे स्पष्ट होता हैं की 130 करोड़ के देश में मात्र 3.4% थैलीसीमिया ग्रस्त जनसंख्या की देखरेख एंव विवाह पूर्व ब्लड जॉंच की उपयोगिता का प्रचार 2016 में बने क़ानून के अन्तर्गत करने के बजाय सारे भारत से प्रेम विवाह समाप्त करने का क़ानून बनाने की मॉंग करना हिटलरशाही सोच का परिणाम हैं।निश्चित तौर पर थैलीसीमिया बीमारी के गंभीर परिणाम सामने आते हैं।इस बीमारी को समाप्त करने के लिए क़ानून बनाने से ज़्यादा राष्ट्रीय नीति बनाने की आवश्यकता हैं।समाज में जाग्रति लाने की ज़रूरत हैं।सांसद महोदय को समझने के लिए परिवार नियोजन का उदाहरण देखना चाहिए की सरकारें प्रचार माध्यम से जनजाग्रति करके “बच्चे दो ही अच्छे “ स्लोगन का प्रचार करके जनसंख्या को नियंत्रित करने का प्रयास करके सार्थक परिणाम प्राप्त किया जाता हैं।लेकिन अगर सांसद लालवानी की तालिबानी सोच के मुताबिक़ सिर्फ दो बच्चों का क़ानून बना दे तो नागरिकों की निजता एंव स्वतंत्रता का उल्लंघन माना जायेगा।इससे स्पष्ट होता हैं की मात्र विवाह पूर्व खून की जॉंच कराने का क़ानून अलग से बनाने का औचित्य ही नहीं हैं जबकि 2016 का अधिनियम मौजुद हैं।सांसद द्वारा जनजाग्रति के लिए देश में पीएम के नेतृत्व में अभियान चलाकर सारे देश में पदयात्रा निकालकर भ्रमण करना चाहिए।इससे निश्चित तौर पर सांसद को सार्थक परिणाम प्राप्त होंगे ।पीएम से निवेदन करके सांसद को तत्काल केंद्र सरकार के खर्च पर थैलीसीमिया की जॉंच मुफ़्त करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर सुविधा जनहित में शुरू की जाना चाहिए।क्योंकि सिर्फ़ क़ानून समस्या का हल नहीं हैं।अगर संसद में सांसद लालवानी इसी तरह क़ानून बनाने की मॉंग करते रहे तो क्या एड्स ,टीबी,शुगर,के लिए भी क़ानून बनाकर विवाह पूर्व जॉंच कराना अनिवार्य करने का भी क़ानून बनाने की मॉंग करेंगे ।सांसद लालवानी को अपनी कार्यशैली पर पुनर्विचार करके इन्दौर के हितों के मुद्दों को लोकसभा में प्रश्न के माध्यम से उठाना चाहिए जिससे इन्दौर के नागरिकों का भला हो सके।देश के नेता बनने या विश्व के नेता बनने का प्रयास नहीं करना चाहिए।अच्छा होता की सांसद लालवानी इन्दौर के बेरोज़गार युवाओं के लिए आवाज़ उठाते या इन्दौर की अव्यवस्थित ट्राफ़िक व्यवस्था सुधार के लिए बड़ी राशि का स्मार्ट ट्रैफ़िक सुधार प्रणाली के लिए बजट एंव प्रोजेक्ट स्वीकृत कराने की कोशिश इन्दौर की जनता के हित में करते।

राकेश सिंह यादव प्रदेश सचिव

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी भोपाल

Related Articles

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Close