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लाउड स्पीकर पर अज़ान भारतीय संविधान के आर्टिकल 21 का उल्लंघन है —आर के पाण्डेय एडवोकेट। रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज

कलयुग की कलम

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति का समर्थन।

नींद में खलल पर सरकार व कोर्ट ले संज्ञान।

जयपुर। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति का समर्थन करते हुए हाई कोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने सरकार व कोर्ट से संज्ञान लेते हुए लाउड स्पीकर पर अजान को पूरे देश में पूर्णतया प्रतिबंधित करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार अपने जयपुर प्रवास के दौरान आज पीडब्ल्यूएस प्रमुख ने कहा कि धर्म के बजाय मानव कल्याण के नजरिये से देखें तो विद्यार्थियों व बीमार व्यक्तियों के लिए लाउड स्पीकर पर अजान अहितकर है।

बता दें कि लाउडस्पीकर पर अजान को लेकर इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो संगीता श्रीवास्तव के डीएम प्रयागराज को पत्र लिखकर इसे प्रतिबंधित करने की मांग की है जिसका समर्थन करते हुए आर के पाण्डेय एडवोकेट ने सरकार व कोर्ट से मांग किया है कि पूरे देश में तत्काल प्रभाव से लाउड स्पीकर पर अजान को प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने बताया कि किसी भी धार्मिक ग्रन्थ के अनुसार लाउडस्पीकर पर अजान होना जरूरी नहीं है। इस बावत तर्क देते हुए आर के पाण्डेय एडवोकेट ने कहा कि जब अजान शुरू हुई थी तब लाउडस्पीकर का कहीं नामोनिशान तक नहीं था।

लाउडस्पीकर का अविष्कार मात्र 200 साल पहले हुआ जबकि इस्लाम 14 सौ वर्षों से चल रहा है। आर के पाण्डेय ने कहा कि यदि व्यवहारिक रूप से देखें तो यह हमारे आराम से सोने के अधिकारों का भी हनन है।

यह आर्टिकल 21 में राइट टू लाइफ एंड लिबर्टी का उल्लंघन है। इसलिए लाउडस्पीकर से अजान पर प्रतिबंध लगना चाहिए। जनहित में सरकार व कोर्ट को इस मामले में तुरन्त संज्ञान लेने की जरूरत है।

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