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हमारा विन्ध्य हमें वापस लौटा दो “

”  हमारा विन्ध्य हमें वापस लौटा दो “

विन्ध्य पुनर्गठन की मांग का व्यापारियों ने किया समर्थन

समर्थन से मिली ताकत, बढ़ा उत्साह : नारायण

सतना, (ओपी तीसरे)। विन्ध्य पुनरोदय मंच के बैनर तले बुधवार को यहां अशोका पैलेस में नगर के प्रबुद्ध व्यापारियों की आयोजित बैठक में सभी ने विन्ध्य प्रदेश के पुनर्गठन की मांग का जोरदार समर्थन किया। विधायक नारायण त्रिपाठी की मौजूदगी में सभी व्यापारियों ने एक सुर में कहा कि हमारा विन्ध्य प्रदेश हमें वापस लौटा दो।

बैठक को सम्बोधित करते हुए विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि व्यापारी जनों का समर्थन मिलने से हौंसला बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई मेरी व्यक्तिगत नहीं है। इस मुद्दे पर जिसने भी सकारात्मक दृष्टिकोण से सोचा है वह कंधा से कंधा मिलाने को तैयार है और यह बैठक इसी का नतीजा है। समाज का दर्पण कहलाने वाले चिंतनशील वरिष्ठ पत्रकार जयराम शुक्ला, शालिगराम शर्मा, सुदामा शरद, चिंतामणि मिश्र, श्रीकुमार कपूर, पिछले एक लम्बे अर्से से विन्ध्य का पुनरोदय करने के सवाल पर संघर्षरत हैं। व्यापारियों का समर्थन मिलने से इस अभियान को नई ऊर्जा के साथ नई दिशा भी मिली है। श्री त्रिपाठी ने बताया कि चेम्बर का समर्थन लेने उन्होंने अमृतलाल मिश्रा से बात की थी जिन्होनें चेम्बर के पूर्व अध्यक्ष कमलेश पटेल, भाजपा के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामोराम गुप्ता सहित अन्य व्यापारियों से बात की। बात होते ही रामोरामजी तो मौके पर आ गए। आज इन्हीं व्यापारियों के प्रयासों से ही यह बैठक सफल हो पाई है। विधायक ने कहा कि पूर्व सांसद और विधायक जनहित का मुद्दा उठाकर आगे बढ़ते हैं, लेकिन मैं सत्ता पक्ष का विधायक होने के बाद विन्ध्य क्षेत्र के सर्वागींण विकास के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन इस भ्रम में पड़ने की जरूरत नहीं है। मैं विधायक रहूं या न रहूं, विन्ध्य प्रदेश के पुनर्गठन होने तक मैं कभी पीछे नहीं हटूंगा। उन्होंने बताया कि 25 मार्च को सतना में सभा है। जबकि 4 अप्रैल को नौगांव एवं 18 अप्रैल को शहडोल में बड़ी बैठके और सभाएं होने जा रही हैं। चेम्बर के पूर्व अध्यक्ष कमलेश पटेल ने कहा कि जरूरत और समय की यह मांग है कि हम सभी मिलकर विन्ध्य क्षेत्र के विधायकों से मिले और विधानसभा में वे हमारी आवाज उठाकर विन्ध्य प्रदेश के पुनर्गठन का मुद्दा उठाएं। उन्होंने कहा कि हम तो अपने स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन जिन्हें हमने अपना जनप्रतिनिधि बनाया है उन्हें भी आगे आना पड़ेगा। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी रामोराम गुप्ता ने कहा कि आज हम सभी का कर्तव्य है कि विन्ध्य प्रदेश के लिए मिलकर संघर्ष करें और आने वाले समय में जरूरत पड़ी तो हर स्तर का संघर्ष करने के लिए तैयार रहेें। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा न किया गया तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री अनंत गुप्ता ने कहा कि आज व्यापार के हालात किसी से छिपे नहीं है। आगे बढ़ने की बजाय व्यापारी वर्ग पीछे होता जा रहा है। विन्ध्य प्रदेश बनने के बाद निश्चित तौर पर व्यापार के साथ साथ व्यापारियों का भी विकास होगा। इसीलिए हमारी इस आंदोलन में भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके पूर्व वरिष्ठ समाजसेवी एवं व्यवसायी अमृतलाल मिश्रा ने कहा कि जो काम समाज के हर वर्ग के हर क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को करना चाहिए, वह काम फिलहाल नारायण त्रिपाठी कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि यह लड़ाई किसी एक की नहीं है और कोई एक व्यक्ति जीत भी नहीं सकता। इसमें जन जन को आगे आना होगा, तभी विन्ध्य में नई सुबह के साथ नया सूरज निकलेगा। भरत खेड़ा ने कहा कि विन्ध्य प्रदेश के पुनर्गठन के लिए हमें अमरकंटक से लेकर ओरछा तक आने वाली विधानसभाओं के विधायकों के समक्ष जन भावनाओं के अनुरूप अपनी बात रखनी पड़ेगी। इसके बाद विधायको ने साथ दिया तो ठीक, नहीं तो जन आंदोलन के लिए हमे तैयार रहना पड़ेगा और इस मुद्दे पर साथ न देने वालों को भी सबक सिखाना पड़ेगा। वरिष्ठ पत्रकार सुदामा शरद ने कहा कि जो लोग संशय और ऊहापोह की स्थिति में है उन्हें यह जानना चाहिए कि विन्ध्य, बुन्देलखण्ड की कोख से ही पैदा हुआ था। विधानसभा के भूतपूर्व स्पीकर स्व. श्रीनिवास तिवारी की उपस्थिति में सदन के अंदर जब विन्ध्य प्रदेश के पुनर्गठन का संकल्प पारित हुआ था तब इस मामले में पैरवी करने वाले विधायक बुंदेलखण्ड के ही थे। उन्होनें कहा कि विन्ध्य के साथ-साथ स्वयं और आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य के लिए मिलकर संघर्ष करना पड़ेगा। सुधाकर सिंह ने कहा विगत 1956 से धीरे धीरे चल रहे इस आंदोलन को एकजुटता के साथ ही निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जा सकता है। एचएन सिंह ने कहा कि अब वक्त बोलने का नहीं कर गुजरने का है। उन्होने कहा कि हम सभी सक्षम हैं और एक एक घर से एक व्यक्ति भी जहां हो गया तो सभी मिलकर एक नया इतिहास लिख सकते हैं। बैठक में समाजवादी नेता राजेश दुबे, पंडित लक्ष्मण प्रसाद शास्त्री, विजय रिझवानी, रितेश त्रिपाठी, आशुतोष सिंह, छवि त्रिपाठी, बद्री प्रसाद तिवारी, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, केके त्रिपाठी, रामजी शुक्ला, शारदा शुक्ला, अशोक द्विवेदी, रज्जन त्रिपाठी व देवेन्द्र पांडे इत्यादि ने भी अपने विचार रखे। अंत में सभी ने 25 मार्च को बी.टी.आई. ग्राउण्ड में होने वाली सभा में सहभागी बनने का संकल्प लिया। बैठक का संचालन युवा नेता रितेश त्रिपाठी ने किया। जबकि आभार प्रदर्शन युवा जुझारू नेता एवं प्रतिष्ठित व्यवसायी छवि त्रिपाठी द्वारा व्यक्त किया गया।

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