UNCATEGORIZED

मानदेय के लिए भटक रहा सबसे ईमानदार सरपंच

कलयुग की कलम

मानदेय के लिए भटक रहा सबसे ईमानदार सरपंच

 कलयुग की कलम

सिलौंड़ी:- जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि अपनी जनता के प्रति जवाबदेही कैसी निभाते हैं इसकी एक मिसाल है समीपी ग्राम पंचायत घाना के पूर्व सरपंच लखन लाल राजभर।

जोकि अपने कार्यकाल के दौरान जनहित के तमाम कार्यों के लिए जाने जाते हैं और तो और इस भ्रष्टतम दौर में भी अपनी ईमानदारी के लिए विख्यात हैं।

आजकल एक बार सरपंच बन जाने पर लोग चार पहिया वाहनों में चलने लगते हैं उनके ठाठ बदल जाते हैं लेकिन लखनलाल दूसरी ही मिट्टी के बने हुए हैं जो जनता के प्रति समर्पण का भाव लेकर लगातार जनता की सेवा करते रहे ।

तब भी और अभी भी साइकिल से चलते हैं आज भी

इनके सहज भाव और ईमानदारी का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी लखन राजभर साइकिल से ही चलते हैं जिन्हें कहीं भी देखा जा सकता है।

ईमानदारी का अच्छा सिला मिला

ईमानदारी के बावजूद शासन द्वारा जारी की गई योजनाओं का लाभ जब ऐसे ईमानदार लोगों को नहीं मिल पाता तो पीड़ा होती है. बार-बार उनके जेहन में सिर्फ यही सवाल आता है कि हमारी ईमानदारी का प्रतिफल ऐसा क्यों जब कि हमने तो पूरी निष्ठा से जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित कराई थी।

आज स्थिति यह है कि पूर्व सरपंच लखनलाल को उनका मानदेय तक नहीं दिया गया जो कि शासन द्वारा सभी सरपंचों को दिया जाता है।

आज लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका मानदेय नहीं दिया गया इस संबंध में उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र भी लिखा एवं व्यक्तिगत तौर पर चर्चा भी की लेकिन उन्हें सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला।

Related Articles

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Close