प्रयागराज

शक्ति को सशक्तिकरण की नही वास्तविक सम्मान की जरूरत -आर के पाण्डेय एडवोकेट। ,रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

कलयुग की कलम

महिला दिवस मनाने के साथ महिलाओं का सम्मान करें।

घूंघट के बजाय कार्य के अवसर जरूरी।

प्रयागराज नारी शक्ति के सम्मान में महिला दिवस मनाने के साथ प्रतिदिन महिलाओं का सम्मान जरुरी है।

जानकारी के अनुसार महिला दिवस पर नारी शक्ति का सम्मान करते हुए पीडब्ल्यूएस प्रमुख आर के पाण्डेय एडवोकेट ने कहा कि हमें मात्र महिला दिवस ही नही बल्कि हर पल महिला शक्ति का सम्मान करना चाहिए। इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने कहा कि यह न सिर्फ शर्मनाक बल्कि अत्यंत निंदनीय है कि प्रायः लोग मात्र दिखावे के लिए एक दिन महिला दिवस मनाते हैं परंतु अधिकांश दिनों नारी शक्ति का अपमान करके उन्हें आज भी घूंघट में कैद करते हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर 74 वर्षों के तथाकथित लोकतंत्र के बावजूद आज भी महिलाओं के नाम पर महिला सीट से चुनाव जीतकर सदस्य व ग्राम प्रधान एवं कोटेदार के पद पर महिलाओं के बजाय उनके पति काम करते हैं तथा वास्तविक महिला प्रधान व कोटेदार को घूँघट मरण घर में बैठाए रखते हैं। कुछ तो इतने विचित्र हैं कि वह स्वयं को प्रधान पति कहलाते हैं जबकि प्रधान पति शब्द किसी भी संवैधानिक व्यवस्था में है ही नही। आर के पाण्डेय ने ऐसे प्रधान पतियों व कोटेदारों को पकड़कर उन्हें कठोरतम दंड देने तथा वास्तविक महिला को सम्मान के साथ दायित्व निर्धारण का अवसर देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि सीता, गार्गी, सुभद्रा, लक्ष्मीबाई, सुचेता कृपलानी, सरोजनी नायडू, विय लक्ष्मी पंडित, इंदिरा गांधी गांधी कल्पना चावला, हेमा मालिनी, लता मंगेशकर व विक्टोरिया आदि महिलाओं ने जब बिना आरक्षण व बिना सशक्तिकरण के विश्व में अपने क्षमता से अपना नाम किया तो आज मात्र दिखावे के लिए महिला आरक्षण व नारी सशक्तिकरण का खेल खेलते हुए उनके नाम पर पुरुष वर्ग क्यों लाभ उठा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उनके संगठन में मुख्य संरक्षिका श्रीमती इंदुमती देवी पाण्डेय, संरक्षिका श्रीमती सुधा भरद्वाज, मा0 अध्यक्षा श्रीमती मनीषा पाण्डेय, उपाध्यक्षा श्रीमती निशा देवी, सदस्या श्रीमती उमा पाण्डेय, छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती नविता शर्मा, प्रयागराज महिला अध्यक्षा श्रीमती कल्पना मिश्रा, श्रीमती मंजुला शुक्ला आदि अनेकों नारी शक्ति समाजहित, जनहित व राष्ट्रहित में स्वेच्छा से अपना सर्वश्रेष्ठ सकारात्मक सक्रिय योगदान दे रही हैं। आर के पाण्डेय ने विश्व समुदाय का आह्वान किया है कि वह सामने आकर महिलाओं का सदैव सम्मान करे व उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार स्वतंत्रता से कार्य करने का अवसर प्रदान करे।

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