UNCATEGORIZED

शर्मनाक हरकत को भी बनाया जा रहा इवेंट

कलयुग की कलम

शर्मनाक हरकत को भी बनाया जा रहा इवेंट

यूनाइटेड नेशंस सेक्रेटरी जनरल इंटनियो गुटरीस (जनवरी), ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ (94 साल), प्रिंस फिलिप (99साल) (जनवरी), अमेरिकन राष्ट्रपति जो बाइडन, उप राष्ट्रपति कमला हैरिस पद सम्हालने के पहले (दिसम्बर), तत्कालीन उपराष्ट्रपति माइक पेंस (दिसम्बर), साउदी अरेविया किंग सलमान (जनवरी), उनके बेटे मोहम्मदबिन सलमान (दिसम्बर), इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (दिसंबर) यूएई प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद (नवम्बर), टर्की राष्ट्रपति पेटोगन (जनवरी), रशियन राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की बेटी (नवम्बर), जो को विडडो (जनवरी), बेबेनराम कलावन (जनवरी) ये वे महापुरुष हैं जिन्होंने ख़ुद पर कोरोना वैक्सीन का टीका लगवाने से पहले न तो अपने देश के लाखों लोगों पर वैक्सीन का टीका लगवा कर परीक्षण करवाया था न ही टीका लगवाने के बाद ख़ुद को महिमामंडित कराने के लिये सरकारी, दरबारी मीडिया का उपयोग किया था ।

वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ख़ुद को कोरोना वैक्सीन का टीका तब लगवाया जब 1 करोड़ 40 लाख लोगों पर कोरोना वैक्सीन का टीका लगकर यह तय हो गया कि वैक्सीन कामयाब है ।

मतलब साफ़ है कि नरेन्द्र मोदी ने अपनी जान और सेहत को 1 करोड़ 40 लाख भारतीयों से ज़्यादा क़ीमती बनाये रखा । इतना ही नहीं नरेन्द्र मोदी ने जहां ख़ुद बिना मास्क लगाये टीका लगवा कर सरकारी गाइड लाइन को रद्दी की टोकरी में फेंका वहीं दूसरी ओर घटिया मानसिकता से प्रेरित होकर टीकाकरण को चुनावी राजनीति से भी जोड़ डाला ।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नईदिल्ली की नर्सों को अपमानित करते हुए केरल की नर्स रोसम्मा अनिल ओर पड्डुचेरी की नर्स पी निवेदिता को मात्र इसलिए बुलाया गया कि आगामी दिनों में केरल, पड्डुचेरी में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं इतना ही नहीं असम विधानसभा चुनाव भी ध्यान में रखकर निर्जीव असमिया ग़मझे को भी नहीं बक्सा गया उसे भी गले में लपेट ही लिया ।

बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए सोशल मीडिया पर टीका लगवाने की फ़ोटो भी डाली गई । सरकारी, दरबारी मीडिया ने विरुदावली का गायन कुछ इस तरह से किया कि नरेन्द्र मोदी और उनके दरबारियों ने 1 करोड़ 40 लाख देशवासियों पर टीकाकरण हो जाने के बाद ख़ुद को टीका लगवाकर देश पर कोई उपकार कर दिया हो । जबकि यह सारी हरक़त शर्मनाक और छलावा ही कही जाएगी ।

 

अश्वनी बड़गैंया,अधिवक्ता

_स्वतंत्र पत्रकार_

Related Articles

Leave a Reply

error: Content is protected !!
Close