प्रयागराज

भगवान राम को पार उतारने वाले निषाद समाज के साथ योगी सरकार-मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ,रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

कलयुग की कलम

प्रयागराज कांग्रेस की सरकार द्वारा बनाए गए एनजीटी की वजह से निषाद समाज की रोजी रोटी का संकट खड़ा हुआ है। लेकिन निषाद समाज न्याय दिलाने के लिए सबसे पहले एनजीटी के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट में गए है। भगवान राम को प्रयागराज गंगापार कराने वाले निषाद राज एवं उनके समाज के लोगों के साथ योगी एवं मोदी सरकार खड़ी है। बसवार गांव के निषादों के साथ अमानवीय व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मचारियों को तत्काल लाइन हाजिर किया जाय। उक्त बातें प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शनिवार को बसवार गांव में निषाद समाज को सम्बोधित करते हुए कहा।

श्री सिंह ने कहा कि मछली एवं बालू के कारोबार से परिवार चलाने वाले समाज को न्याय दिलाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। निषाद समाज के सभी गरीबों को स्वास्थ्य बीमा कराया जाएगा। निषाद समाज का क्रोध जायज है। आप के साथ जो अन्याय हो रहा है। उसका जिम्मेदार कांग्रेस सरकार है। हालांकि एनजीटी में कैसे परिवर्तन हो सके, इसके लिए केन्द्र की मोदी एवं प्रदेश की योगी सरकार प्रयास कर रही है।

उन्होंने बताया कि निषाद समाज के लोगों को मत्स्य पालन के लिए केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं को जानकारी देत हुए कहा कि साइकिल से बिक्री के लिए आइसबाक्स बनवाने के लिए 25 हजार का सहयोग कर रही है। मछुआ आवास,मत्स्य पालन हेतु तालाबों का पट्टा, सक्रिय मत्स्य पालकों हेतु पेंशन योजना,मछुआ दुर्घटना बीमा योजना के अलावा मत्स्य जीवी सहकारी समिति बनाकर योगी सरकार मछुआरों के जीवन में समृद्धि लाने के लिए कृत संकल्पित है।इसके अतिरिक्त निषाद समाज के महिलाओं के लिए भी सरकार ने एमएसएमई विभाग के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण और टूलकिट देने का सहयोग कर रही है।सरकार के प्रयासों का ही नतीजा रहा कि वित्तीय वर्ष (2019-2020) में रिकॉर्ड 6.9 लाख मीट्रिक टन मछली उत्पादन हुआ।सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष 2021/2022 में 300 करोड़ मत्स्य बीज उत्पादन/वितरण का लक्ष्य रखा है। मछली के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ग्राम पंचायतों के स्वामित्व वाले तालाबों को 10 साल के लिए पट्टे पर देगी। इन सभी तालाबों का रकबा करीब 3000 हेक्टयर होगा। केंद्र सरकार की ओर से शुरू प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए सरकार ने बजट में 243 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मछुआरा समुदाय को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए वित्तीय वर्ष 20121-2022 में दो लाख मछुआरों को निःशुल्क बीमा से आच्छादित किया जाएगा। आगे भी सरकार इस समुदाय के हितों का पूरा ख्याल रखेगी। भाजपा करती है, बाकी दलों की तरह कहती एवं दिखाती नहीं।

बसवार गांव जाने वाली सड़क का तत्काल कराया जाय निर्माण

निषाद समाज की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने तत्काल पीडब्लूडी के अधिकारियों को बसवार गांव में जाने वाले मार्ग को निर्माण कराने का निर्देश दिया। गांव में मौजूद तालाबों को तत्काल निषाद समाज को देने के लिए कहा और समिति के माध्यम से मत्स्य पालन का कारोबार शुरू कराने के लिए निर्देश दिया।

बसवार गांव में हुई घटना की होगी मजिस्ट्रेटी जांच

कैबिनेट मंत्री ने निषाद समाज के साथ हुई वारदात की निन्दा करते हुए कहा कि समाज के साथ गलत हुआ है। इसकी मजिस्ट्रेटिक जांच की जाय और जो भी दोषी हो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाय। इसके साथ उन्होंने कहा कि नाव तोड़ने वाले पुलिस कर्मचारियों को तत्काल लाइन हाजिर किया जाय। निषाद समाज के खिलाफ दर्ज हुए गैंगेस्टर के मुकदमें की जांच करके वापस लेने की प्रकिया की जाय। अवैध खनन में सक्रिय बालू माफियों की सूची तैयार करके शासन को भेजा जाय और ऐसे माफियों को योगी सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।

 

 

निषाद समाज की समस्याओं से रूबरू होने के बाद इलाहाबाद की सांसद डा.रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि हम सदैव गरीब निषाद समाज के साथ खड़े है और खड़े रहेंगे। घटना की जानकारी होते ही मैने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं यहां के स्थानीय अधिकारियों से वार्ता की और इस समस्या का निदान खोजने में लगी हुई हूँ। मै जब भी लड़ाई लड़ने के लिए खड़ी हुई हो तो गरीब एवं पिछड़े समाज को न्याय दिलाने के लिए। भगवान राम की नैया पार करने वाले समाज के साथ अन्य नहीं होने दूंगी। एनजीटी की वजह से बालू के कारोबार से लाखों लोग प्रभावित हुए है। इस समस्या को लोक सभा में भी रखेंगी और प्रधानमंत्री से भी मिलकर इसका हल खोजने का प्रयास कर रही हूँ। निषाद समाज के खिलाफ लादे गए मुकदमें वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से भी मिली हूँ। मै मांग करती हूं कि समाज के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त किया जाय। एक भी निषाद परिवार प्रताड़ित न किया जाय।

 

 

पीयूष रंजन निषाद ने कहा कि निषाद समाज भगवान राम के साथ था और रहेगा। भारतीय जनता पार्टी का निषाद समाज एक परिवार है। परिवार के साथ हो रहे अन्याय को सहन नहीं किया जाएगा। समाज के जिन लोगों की नाव टूटी है उन्हें मरम्मत कराकर दिया जा रहा है। आवश्यकता हुई तो नई नाव भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इससे पहले सर्वप्रथम शहीद चन्द्रशेखर आजाद के शहादत दिवस पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उसके उपरांत वहां पर काफी संख्या में मौजूद निषाद समाज की समस्याओं को सुना।अंत में साथ ही निषाद समाज की तोड़ी गयी नावों को जल्द से जल्द ठीक कराया जायेगा और उन्हें उनके मालिकों को सौंप दिया जायेगा। अभी तक 9 नावें बन गई। जिसमें प्रमुख रूप से उमाशंकर निषाद,अनिल निषाद, विनोद निषाद,भैयन पुत्र शिव प्रसाद,नीरज पुत्र कामता प्रसाद,रामप्रकाश पुत्र सुबब्बन भोला निषाद को नाव व पतवार सौपा।

इस मौके पर महानगर अध्यक्ष गणेश केसरवानी, जितेन्द्र निषाद,बृजेश भारतीय,ओम प्रकाश निषाद, संदीप निषाद,विनोद निषाद सहित कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किया और समस्याओं को कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखा। निषाद समाज की समस्या समाधान सभा में एडीजी प्रेम प्रकाश,आईजी के.पी. सिंह,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, अशोक कन्नौजिया आदि प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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