उत्तरप्रदेश

प्रयागराज मण्डल में स्टेशनों के पुनर्विकास पर बैठक का आयोजन रिपोर्टर सुभाष चंद्र पटेल प्रयागराज नैनी

कलयुग की कलम

प्रयागराज रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे स्टेशनों विकास निगम लिमिटेड (IRSDC), रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) और अन्य केंद्र सरकार की एजेंसियों के माध्यम से रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए योजना बनाई है। तदनुसार, IRSDC और RLDA स्टेशनों के तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन का कार्य कर रहे हैं। व्यवहार्यता अध्ययन के परिणाम के आधार पर, स्टेशनों का पुनर्विकास चरणों में किये जाने की योजना है।

स्टेशनों को पुनर्विकसित करने के क्रम में आज दिनांक 22 जनवरी 2021 को प्रयागराज मंडल के “संकल्प” सभागार में मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज मंडल श्री मोहित चंद्रा की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रयागराज मण्डल के प्रयागराज जंक्शन एवं कानपुर सेंट्रल स्टेशन को पुनर्विकास करने की योजना पर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंडल प्रबंधक महोदय ने कहा कि स्टेशनों को पुनर्विकसित किये जाने के क्रम में यात्री हमारे केंद्र बिंदु होने चाहिए, उन्होंने कहा कि रेलवे का प्रयोग सभी वर्गों के यात्रियों द्वारा किया जाता है, अतः किसी एक विशेष वर्ग को लक्षित करते हुए स्टेशनों का विकास किया जाना संभव नहीं है । साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि के पुनर्विकास के समय असामान्य स्थितीयों जैसे कोहरे, भारी बरसात, गर्मी आदि को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। उन्होने यह भी कहा कि प्रयागराज धार्मिक भूमि है, यहां कुम्भ जैसे विश्व के सबसे बड़े मानव समागमों का भी आयोजन होता है, जिस अवसर पर लाखों लाख श्रद्धालुओं की भीड़ इस शहर में होती है, इन स्टेशनों का विकास इस प्रकार की स्थिती को भी ध्यान में रख कर किया जाना होगा। मंडल रेल प्रबंधक महोदय ने आगे यह भी कहा कि आगामी 40 से 50 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के पुनर्विकास के कार्यों को किया जाना चाहिए तथा उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य के अनुरूप आवश्यकताओं को चिन्हित कर भारतीय रेल स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (IRSDC) को दिया जाये जिससे कि कार्ययोजना बनाते समय सभी आवश्यक पहलुओं पर ध्यान दिया जा सके और स्टेशन के पुनर्विकास के कार्य को सुनियोजित तरीके से किया जा सके। मंडल रेल प्रबंधक महोदय ने कहा कि स्टेशनों को विकसित करने के क्रम में भविष्य में परिचालन आवश्यकताओं को भी प्रमुखता से ध्यान में रखा जाना चाहिए।

इस अवसर पर भारतीय रेल स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (IRSDC) की ओर से सी.जी.एम श्री वी.बी.सूद ने प्रयागराज स्टेशन एवं कानपुर स्टेशन को विकसित किये जाने के क्रम में एक पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने बताया कि स्टेशन को विकसित करने में यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। चर्चा के दौरान स्टेशन को विकसित करने के क्रम में आने वाले विभिन्न मुख्य बिंदुओं जैसे स्टेशन के डिजाइन, सुरक्षा व्यवस्था, टिकटिंग की व्यवस्था, सहित यात्रियों के आगमन – प्रस्थान जैसे विभिन्न बिंदुओं जी जानकारी साझा की गई। इसके अतिरिक्त श्री सूद ने बताया कि आरक्षित एवं अनारक्षित यात्रियों, विभिन्न अवसरों पर यात्रिओं की अत्यधिक भीड़ तथा भविष्य की परिचालनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तथ्यों को भी ध्यान में रखकर स्टेशन विकास के प्लान को बनाया जा रहा है। श्री सूद ने यह भी अवगत कराया कि विकास के क्रम में हेरिटेज की श्रेणी में दर्ज स्टेशन बिल्डिंगों को भी पूर्ण रूप में संरक्षित किया जायेगा। उन्होने यह भी बताया कि रेल यात्रियों, दिव्यांगों, बच्चों एवं बुजुर्गों सभी की आवश्यकताओं, आपात स्थिति में इमरजेंसी इवेक्युएशन प्लान, आदि का पूरा ध्यान रखते हुए बनाया गया है । बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विचारों को रखा साथ ही साथ यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी 40 से 50 वर्षों की आवश्यकता ओं को ध्यान में रखते हुए वाणिज्य, परिचालन एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा अपने-अपने आवश्यकताओं को एकत्रित कर भारतीय रेल स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (IRSDC) को दिया जाएगा जिससे कि आईआरएसडीसी द्वारा प्रयागराज जंक्शन एवं कानपुर स्टेशन को आगामी 40-50 वर्षों की आवश्यकाओं के अनुरूप विकसित किया जा सके।

इस अवसर पर अपर मण्डल रेल प्रबंधक/ सामान्य श्री अनुराग अग्रवाल, अपर मण्डल रेल प्रबंधक/ इंफ्रा श्री अतुल कुमार गुप्ता सहित मण्डल के सम्बंधित शाखाधिकारी एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ मण्डल इंजीनियर – III श्री पीयूष कुमार मिश्र द्वारा किया गया ।

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