मध्यप्रदेश

मानसपीठ खजुरीताल में सद्गुरु पुण्यतिथि महोत्सव का हुआ भव्य समापन

कलयुग की कलम

खजुरीताल आश्रम में चल रहे सद्गुरु पुण्यतिथि महोत्सव के अंतिम दिन पादुका पूजन,परम पूज्य गुरूदेव रामललाचार्य जी महराज जी का आशीर्वचन,कवि सम्मेलन एवं विशाल भंडारे का आयोजन हुआ।

आज अंतिम दिवस में जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य स्वामी श्री रामलला चार्य जी महाराज ने कहा कि संसार में समस्त साधनों का फल भगवान श्री सीताराम जी महाराज के चरणों में प्रेम की भावना बन जाना दुनिया का कोई भी कर्म ईश्वर से अगर जोड़ दिया जाए तो वह कर्म ईश्वर को प्राप्त करवा सकता है। श्रीरामचरितमानस का प्रमाण देते हुए पूज्य जगद्गुरु जी महाराज ने कहा कि बारी मथे घ्रत होई बरु सिकता ते बरु तेल ,,

बिनु हरी भजन न भव तरिअ यह सिद्धांत अपेल

अर्थात भगवान के भजन के बिना मानव को कभी भी शांति प्राप्त नहीं होगी। जीवन में अगर शांति चाहिए आनंद चाहिए और कुछ भी चाहिए तो भगवान श्री सीताराम जी महाराज का भजन करना ही पड़ेगा। सभी को अपने अपने घरों में जाकर के 1 दिन का भगवान का भजन अवश्य करना चाहिए, जिस घर में कीर्तन होती है उस घर में कभी भी विवाद नहीं होते कभी झगड़े नहीं होते। सभी शिष्यों को आदेश देते हुए पूज्य महाराज श्री ने कहा कि सभी को माथे पर तिलक लगाना है कन्थि धारण करना है और भगवान का समर्थन करना है। हर कर्म को ईश्वर से जोड़ते हुए ऐसी भावना करें कि हम सब कुछ भगवान के लिए कर रहे हैं। कार्यक्रम के दूसरे दिन बघेली कलाकार अविनाश तिवारी अपनी टीम के साथ महराज जी का आशीर्वाद लेकर जन समुदाय को खूब ठहाके लगवाए। कार्यक्रम के समापन में युवा एकता परिषद के संरक्षक पंडित सचिन शर्मा सूर्या के साथ में आए युवाओं ने पूज्य महाराज श्री का गजमाला से भव्य माल्यार्पण करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। भंडारे में काफी जन समुदाय मानसपीठ खजुरीताल में एकत्रित होकर ठाकुर जी से आशीर्वाद लेकर भंडारे का प्रसाद भावपूर्ण ग्रहण किए।

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